जंगल में ही करा दिया दो महिलाओं का प्रसव
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बजानी और खुमती गांव की दो महिलाओं के लिए 108 सेवा के कर्मचारी भगवान बनकर आए। दोनों महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने के कारण अस्पताल ले जाने के लिए 108 सेवा को फोन किया गया था। सड़क तक पहुंचने के लिए इन महिलाओं को सात किलोमीटर का पैदल सफर तय कर आना पड़ा। 108 सेवा के कर्मचारी फोन आते ही समय पर मोटर हेड पर पहुंच गए थे। तभी उनको सूचना मिली कि महिलाओं को आधे रास्ते में ही तकलीफ शुरू हो गई है।
108 सेवा के कर्मचारी वीरेंद्र सिंह और ड्राइवर भूपेंद्र खड़ायत तत्काल एक किलोमीटर का पैदल सफर तय कर महिलाओं के पास पहुंचे। उन्होंने स्थानीय महिलाओं की मदद से दोनों का जंगल में ही सुरक्षित प्रसव करा दिया। बाद में दोनों महिलाओं को धारचूला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
बताया गया कि बजानी गांव के अमर सिंह की पत्नी कल्पना को शुक्रवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। महिला को गांव के लोग खोला नामक स्थान तक पैदल ला रहे थे। उससे पहले ही वहां पर 108 सेवा का वाहन पहुंचा था, लेकिन वाहन तक पहुंचने से पहले ही कल्पना की तकलीफ बढ़ गई। 108 सेवा के दोनों कर्मचारी तत्काल दवाएं, इंजेक्शन लेकर एक किलोमीटर दूर पहुंचे और सुरक्षित प्रसव करा दिया। जब तक कल्पना को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, तब तक उसी इलाके के खुमती गांव से 108 सेवा को फोन आया। खुमती गांवव के कृष्ण सिंह की पत्नी निर्मला का प्रसव भी 108 वाहन में सवार होने से पहले हो गया। लोगों का कहना है कि यदि 108 सेवा के कर्मचारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो शायद दोनों महिलाओं की जान को खतरा हो सकता था।