पिथौरागढ़/चंपावत। गर्मियों के मौसम में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है। पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में जले हुए व्यक्ति के प्राथमिक उपचार के लिए सभी दवाइयां और उपकरण मौजूद हैं। अस्पताल में आठ बेड का बर्न वार्ड उपलब्ध है।
गर्मी के मौसम में जंगलों के साथ ही घरों में आग लगने की घटनाएं होती हैं। कई बार आग की चपेट में आने से लोग झुलस जाते हैं। सीएमओ डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने बताया कि जलने के मामले आने पर मौजूदा संसाधनों के अनुसार उपचार की व्यवस्था की गई है। जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्वास्थ्य कर्मियों को दवा सहित अन्य संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी तरह चंपावत में सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि जिला अस्पताल में बर्न वार्ड बनाया गया है। इसमें चार बेड हैं। टनकपुर और लोहाघाट उप जिला अस्पताल में दो-दो बेड के बर्न वार्ड बनाए गए हैं। झुलसे लोगों के इलाज के लिए सर्जन और फिजिशियन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बर्न वार्ड की अलग गाइडलाइन हैं, इसका अनुपालन किया जा रहा है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। आग से झुलसे लोगों का प्राथमिकता के साथ इलाज किया जाएगा। संवाद
पिथौरागढ़ में जल चुका है 9.75 हेक्टेयर जंगल
पिथौरागढ़। फायर सीजन शुरू होने के बाद पिथौरागढ़ जिले में आग की 10 घटनाओं में 7.25 हेक्टेयर सिविल और 2.50 हेक्टेयर आरक्षित वन को नुकसान पहुंचा है। वनों में आग लगने की घटनाएं न हों इसके लिए वन विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है। इसके अलावा आग लगने पर ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों के किनारे लगने वाली आग बुझाने में फायर ब्रिगेड भी सहयोग कर रहा है। संवाद