पिथौरागढ़। सीमांत जिले के सबसे बडे़ अस्पताल में आठ वर्ष से हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। इससे हृदय के मरीजों को इलाज के लिए हल्द्वानी, पीलीभीत, दिल्ली और बरेली के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। लोगों ने जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की है।
बीडी पांडे जिला अस्पताल पिथाैरागढ़ में आठ वर्ष पूर्व हृदय विशेषज्ञ के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त है। दिल के मरीज फिजीशियन से राय ले रहे हैं। स्थिति जरा सी जटिल होने पर मरीजों को जिले से बाहर हल्द्वानी, बरेली, पीलीभीत और दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिले में अब हार्ट के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शीतकाल सहित बरसात में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इस सीजन में दिल के मरीजों को बेहद सावधानी रखने की जरूरत है। जिले के विभिन्न संगठन लगातार हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती किए जाने की मांग उठा रहे हैं। बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जनमंच के संयोजक भगवान रावत का कहना है कि पिथौरागढ़ जिले की पांच लाख से अधिक की आबादी में हजारों लोग हैं जिन्हें हृदय रोग की शिकायत है। आए दिन मरीज रेफर करने पड़ते हैं। हार्ट अटैक आने पर मरीज को उपचार के लिए समय पर हायर सेंटर नहीं पहुंचाया जा सकता है। सरकार को सीमांत जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती करनी चाहिए।
कोट
जिला अस्पताल में रिक्त चल रहे हृदय रोग विशेषज्ञ के लिए शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। - डॉ. जेएस नबियाल ,पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।