मुनस्यारी के बोना गांव निवासी एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की तबियत बिगड़ गई। आपदा के कारण मुनस्यार?
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पिथौरागढ़। सड़कें बंद होने से मुनस्यारी विकासखंड के गांव अलग-थलग पड़े हुए हैं। बीमारों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मीलों पैदल चलना पड़ रहा है। रविवार को चौना गांव की एक बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए युवाओं ने 18 किलोमीटर की दूरी पैदल ही नापी।
चौना गांव निवासी 70 वर्षीय सती देवी का अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया था। चलने में असमर्थ होने और सड़क बंद होने से युवाओं ने सती देवी को डोली से मदकोट अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। इसके बाद युवाओं ने तमाम परेशानियों के बीच बीमार बुजुर्ग महिला को 18 किमी दूर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान रास्ते में तमाम स्थानों पर मलबा और झरनों के बहाव के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन दिन पूर्व युवाओं ने एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए नौ किमी की पैदल दूरी तय की थी। समाज सेवी हीरा सिंह चिराल ने बताया कि मदकोट-दारमा सड़क पिछले पंद्रह दिनों से बंद है। जोशा गांव में भीषण आपदा आई है। रोड के बंद होने से गोल्फा, इमला, कोटालगांव, चौना, मटेना, मालुपाती, हरकोट, जोशा, ढूनामानी, गांधीनगर के लोगों को पैदल ही आवागमन करना पड़ रहा है। बीमार और गर्भवती महिलाओं के लिए अब डोली ही एकमात्र सहारा रह गया है। सड़क में मलबा होने से पैदल चलना भी आसान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सड़क खोलने और जिन नालों में पैदल पुल बहे हैं उनमें अस्थाई लकड़ी के पुल बनाने की मांग की है।