बार-बार कहने पर भी जब जल संस्थान ने झूलाघाट कस्बे को पेयजल की सप्लाई करने वाली टंकी की सफाई नहीं की तो शुक्रवार को युवाओं ने खुद ही बीड़ा उठा लिया। टंकी की सफाई तीन वर्ष से नहीं की गई थी। गंदे पानी से बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो रहा था।
1.5 लाख लीटर क्षमता वाली इस टंकी से झूलाघाट कस्बे के 400 परिवारों की 5000 आबादी को पानी की सप्लाई होती है। जल संस्थान ने तीन वर्ष से टंकी की सफाई नहीं की। टंकी में कचड़ा जमा होने लगा था। जब विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया तो युवाओं ने विभाग को आइना दिखाने के लिए खुद ही सफाई कर डाली। टंकी में जमा सारे कचड़े को हटा दिया गया है। उसके आसपास जमा घास फूस साफ की गई। टंकी में सफाई के बाद ब्लीचिंग पाउडर डाला गया ताकि कीड़े न पनपें।
करीब चार घंटे तक चलाए गए सफाई अभियान से टंकी साफ हो गई है। अब झूलाघाट कस्बे के लोगों को साफ पानी मिलेगा। युवाओं ने कहा है कि वह समय समय पर टंकी की सफाई करते रहेंगे। अब विभाग के मुंह ताकने की जरूरत नहीं है। सफाई अभियान में अनिल चंद, दिनेश भट्ट, अतुल भट्ट, हिमांशु भट्ट, सागर भट्ट, टीकाराम नरियाल, संजीव जोशी, दीपक इजरवाल, दिनेश गड़कोटी, मुरलीधर भट्ट के अलावा जल संस्थान के लाइनमैन कर्णबहादुर चंद शामिल थे।