कड़ाके की ठंड के कारण मुनस्यारी के कालामुनि में चट्टान से रिसता पानी जम गया है।
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मुनस्यारी/पिथौरागढ़। सीमांत जिले में हाड़ कंपाने वाली ठंड का दौर जारी है। कंपकंपाती ठंड में मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोत व झरने जम गए हैं। निचले इलाकों में मौसम के साफ होने के बाद लगातार पाला गिर रहा है। इस कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
कड़ाके की ठंड के कारण मुनस्यारी के कालामुनि में चट्टान से रिसता पानी जम गया है। मौसम के साफ होने के बाद भी मुनस्यारी का अधिकतम तापमान माइनस दो डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। पिथौरागढ़ में सुबह के वक्त अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। रात भर मौसम के साफ रहने के कारण पाला गिर रहा है, जिससे फसलों और सब्जियों को नुकसान हो रहा है। धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी से बंद सड़कों को बीआरओ ने तेजी से खोलना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को दोपहर बाद मुनस्यारी और धारचूला के हिमालयी क्षेत्र में बादल घिरने लगे थे। हालांकि जिला मुख्यालय सहित जनपद के अन्य हिस्सों में आसमान साफ रहा। दिन में धूप खिले रहने से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली। सुबह-शाम जिला मुख्यालय सहित घाटी वाले क्षेत्रों में भी अधिक ठंड महसूस हो रही है।