जिला मुख्यालय में मामूली बारिश के बावजूद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार की तुलना में अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान में भी करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जिला मुख्यालय में पिछले 24 घंटे में मात्र 1.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बुधवार की देर रात तेज हवा चलने और बृहस्पतिवार की सुबह बौछारें गिरने से तापमान गिरा है। मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार अभी गरज वाले बादल सक्रिय होते रहेंगे और अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना बनी रहेगी। धारचूला, मुनस्यारी में बुधवार रात जमकर पानी बरसा। यह बारिश सभी इलाकों में समान रूप से नहीं हुई। अस्कोट, थल में सिर्फ बूंदाबांदी हुई। इस कारण वहां के लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। जिले के अन्य स्थानों पर हल्की बारिश से लोगों ने राहत महसूस की है।
अब किसी जंगल में आग नहीं
पिथौरागढ़। जिले के किसी भी जंगल में बृहस्पतिवार को भी आग नहीं है। बारिश से पिछले दो दिनों में जिले के करीब सभी जंगलों की आग बुझ गई है। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि यदि फिर से धूप पड़ी और बारिश का सिलसिला रुका तो आग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए वन विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है, ताकि कहीं पर जंगल में आग लगने पर तत्काल उसे कंट्रोल किया जा सके।
ऊंची चोटियों पर हुआ हिमपात
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। भारत तिब्बत सीमा पुलिस सातवीं वाहिनी के मौसम विभाग केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में नाभीढांग से लिपुलेख के बीच एक फीट, कुटी, ज्योलिंगकांग में आधा फीट बर्फ गिरी है। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि मौसम को देखते हुए अग्रिम पोस्टों में तैनात जवानों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। अस्कोट के पास छिपलाकेदार की पहाड़ी में भी बुधवार रात हिमपात हुआ। पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा की चोटियों पर भी ताजा बर्फ गिरी है।