बड़ालू कस्बे में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपरान्ह दो बजे के बाद कोई डॉक्टर नहीं मिलता। यदि इसके बाद इलाके में दुर्भाग्य से कोई हादसा हो जाए तो 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। यह समस्या लंबे समय से बनी है। क्षेत्र के लोग मामले को डीएम एवं सीएमओ के सामने भी रख चुके हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अस्पताल में रखी एक्सरे मशीन टेक्नीशियन के अभाव में बंद है। पहले जब अस्पताल में व्यवस्थाएं ठीक-ठाक थी, तब यहां पर चार मरीजों को भर्ती किया जाता था। अब यदि मरीज भर्ती भी किए जाएं तो उनको देखने वाला कोई नहीं होता।
भाजपा मंडल अध्यक्ष दिवाकर जोशी ने बताया कि मूनाकोट विकासखंड का यह सबसे बड़ा अस्पताल है। अस्पताल में किसी प्रकार की सुविधा न होने से तीन दर्जन गांवों के लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारी भी इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लेते। जोशी ने कहा कि यदि तीन दिन में अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं आया तो आंदोलन किया जाएगा। एक बार फिर से यह मामला डीएम और सीएमओ की जानकारी में लाया जाएगा।