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मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क निर्माण की मांग को छात्र- छात्राओं ने फूंका सरकार का पुतला

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सड़क बनेगी-विकास आएगा, ये सपना कब पूरा हो पाएगा
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मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क निर्माण की मांग को छात्र- छात्राओं ने फूंका सरकार का पुतला
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क के निर्माण के लिए आंदोलन पर बैठे ग्रामीणों के समर्थन में छात्र-छात्राओं ने पिथौरागढ़ में सरकार और जिला प्रशासन का पुतला दहन किया। उनका कहना है कि ग्रामीणों को आस है कि सड़क निर्माण होने के बाद गांव में विकास आएगा लेकिन लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने शीघ्र ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को छात्र-छात्राएं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र रावत के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी सड़क जैसी बुनियादी मांगों को लेकर भी इतना लंबा आंदोलन चलना पड़ रहा है। यह स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के निकम्मेपन की बानगी है। अगर शासन प्रशासन ने इनकी सुध नहीं ली गई तो बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर विद्या, कुमकुम, एकता, सोनाली, विद्या, दीक्षा, मोहित, आयुष, शिवम, गणेश, अभिषेक समेत तमाम युवा मौजूद रहे।
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सरकार सत्ता के नशे में चूर, विपक्ष है गहरी नींद में
गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। मणकनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क की मांग पर ग्रामीणों का आमरण अनशन जारी रहा। ग्रामीणों ने सरकार और विपक्ष पर आंदोलन की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष ललित सिंह बिष्ट का कहना है कि 151 दिन तक क्रमिक अनशन और उसके बाद लगातार आमरण अनशन कर रहे ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में चूर है और विपक्ष गहरी नींद में लगता है। उन्होंने आंदोलन की अनदेखी करने वाले दोनों दलों को विधानसभा चुनाव में सबक सिखाने की बात कही। वहां दीवान सिंह बिष्ट, हर सिंह बिष्ट, केदार सिंह, केशर सिंह, गोपाल सिंह, होशियार सिंह आदि थे। संवाद
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युवा बोले-
एक तरफ तो सरकार बारहमासी सड़क के लिए वैज्ञानिकों और भूगर्भशास्त्रियों की चेतावनी और नसीहतों को नजरअंदाज करते हुए भी सड़क के चौड़ीकरण के कार्य में जुटी हुई है। दूसरी ओर 160 दिनों से भी अधिक के समय से अनशन पर बैठे आम ग्रामीणों की मांग को नजर अंदाज कर रही है। - युवा दीपक
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उत्तराखंड बने हुए 21 वर्ष हो गए हैं लेकिन सीमांत की अनदेखी अभी भी बरकरार है। सड़कों का जाल बिछाने की बात हर ओर की जा रही है उसके बाद भी दूरस्थ गांवों तक अब भी सड़क नहीं पहुंची है। शीघ्र ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं होने पर युवाओं द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। - शीतल
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21पीटीएच11पी-पिथौरागढ़ में मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क संघर्ष समिति के आंदोलन के समर्थन में सरकार और जिला प्रशासन का पुतला दहन करते छात्र-छात्राएं।
21पीटीएच17पी-मणकनाली- सुरखाल पाठक सड़क निर्माण की मांग को आमरण अनशन में बैठे ग्रामीण।
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