धारचूला में बैठक करते व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सदस्य
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उद्योग व्यापार मंडल ने धारचूला से लिपुलेख तक सड़क निर्माण में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए उग्र आंदोलन की धमकी दी है। व्यापारियों का कहना है कि सीमांत की सुरक्षा के लिए इस सड़क का जल्दी बनना बेहद जरूरी है। साथ ही सीमांत गांवों के विकास में भी यह सड़क अहम साबित होगी, लेकिन यह जानकर आश्चर्य होता है कि 15 वर्ष से निर्माणाधीन इस सड़क का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जौलजीबी से टनकपुर तक प्रस्तावित सड़क के निर्माण में हो रही देरी पर आक्रोश जताया गया। कहा गया कि इस सड़क के सर्वे में ही कई वर्ष बीत गए हैं। बैठक में खोतिला जाने वाले रास्ते की मरम्मत नहीं होने पर भी आक्रोश जताया गया। कहा गया कि भूस्खलन प्रभावित खोतिला के लोगों की समस्या को हल करने में प्रशासन को कतई रुचि नहीं है। जीएसटी के संबंध में पिथौरागढ़ वाली बैठक में जाने में कई व्यापारी असमर्थ हैं। यह बैठक धारचूला में ही कराने की मांग की गई।
नगर की सफाई और पानी के निकास की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि इस संबंध में जल्द ही पालिकाध्यक्ष और ईओ से मुलाकात की जाएगी। एनएच की खराब दशा पर भी व्यापारियों ने आक्रोश जताया। कहा कि सुधारीकरण के बाद सड़क की हालत और ज्यादा खराब हो गई है। बैठक में व्यापार मंडल के संरक्षक जगदेव डोगरा, लक्ष्मण कौशल, ओपी वर्मा, राजीव कोहली, उपाध्यक्ष प्रकाश गुंज्याल, महासचिव नवीन खर्कवाल आदि मौजूद थे।