पांडेगांव पुल से बजेटी तक प्रस्तावित दो किलोमीटर सड़क का स्वीकृति के चार साल बाद भी निर्माण न होने से आक्रोशित क्षेत्र के लोगों ने शनिवार को जिला मुख्यालय में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया। जिलाधिकारी का घेराव किया। न्यू सेरा विवेकानंद संघर्ष सेवा समिति के बैनर तले सड़कों पर उतरे लोगों ने कहा कि लोनिवि के अधिकारी इस सड़क के निर्माण के लिए तमाम तरह के बहाने ढूंढ रहे हैं। कभी नाप भूमि के स्वामियों के विरोध की बात कही जा रही है तो कभी शासन से धन न मिलने का जिक्र किया जाता है। जबकि वास्तविकता यह है कि प्रस्तावित सड़क में कोई नाप भूमि नहीं पड़ रही है। सारी जमीन राजस्व विभाग की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क बन जाने पर बजेटी मोहल्ले की पांच हजार आबादी का यातायात की सुविधा मिल जाती। साथ ही उस इलाके में स्थित जमीन का भविष्य में पार्किंग स्थलों के निर्माण में उपयोग किया जा सकता है। लोगों ने जमीन की स्थिति का आकलन करने के लिए उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने की भी मांग की। प्रदर्शन में मौजूद भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि नगर क्षेत्र में ही जब दो किलोमीटर सड़क बनाने में टालमटोल हो रही है तो दूरदराज की सड़कों का क्या हाल होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि सड़क निर्माण में आ रही बाधा को दूर किया जाएगा। प्रदर्शन में महेश पाठक गोलू, सुरेश पांडे, अशोक उपरारी, ललित पंत, ललित तिवारी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी।