धारचूला/पिथौरागढ़। चमोली के बाड़ाहोती में चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है। ऐसे में अगर पिथौरागढ़ से लगी सीमा पर चीन के साथ कोई विवाद होता है तो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सड़क की बदहाली के कारण दिक्कतें हो सकती हैं। स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है। हालांकि सीमा पर सेना के पास पर्याप्त इंतजाम हैं और हवाई निगरानी भी जारी है।
संवाद न्यूज एजेंसी के शालू दताल ने धारचूला से खेत तक चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क की पड़ताल की। पड़ताल के दौरान धारचूला से तवाघाट करीब 20 किलोमीटर सड़क की स्थिति सही मिली लेकिन करीब आठ किमी लंबी तवाघाट-खेत सड़क की यात्रा करने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लग रहा है। भारी बारिश के कारण जगह-जगह मलबा, बोल्डर आने के कारण वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। सड़क पर कीचड़ होने से वाहन रपट रहे हैं। भारी बारिश के कारण कंज्योति के पास ध्वस्त बेलीब्रिज के अब तक नहीं बनने के कारण लोगों को वाहनों की अदला-बदली कर यात्रा करनी पड़ रही है। सड़क पर आवागमन खतरों से भरा है।
आवाजाही सुगम नहीं
पिथौरागढ़। बीआरओ ने धारचूला से लिपूलेख तक भले ही सड़क कनेक्टिविटी देने का काम पूरा कर लिया है, लेकिन इस सड़क पर आवाजाही अब तक सुगम नहीं हो पाई है। मानसून काल में हुई भारी बारिश से तवाघाट-लिपूलेख सड़क पूरी तरह बदहाल है। 100 दिन से ज्यादा समय तक बंद सड़कों को बीआरओ और सीपीडब्ल्यूडी ने भले ही खोल दिया हो लेकिन आवाजाही के दौरान लोगों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। वर्तमान में बीआरओ तवाघाट से आगे पांच किमी हॉटमिक्स, सुरक्षा दीवार, नाली निर्माण आदि का कार्य कर चुका है। बांकी बचे हुए कार्य को भी तेजी से किया जा रहा है।
तवाघाट-सोबला-ढाकर सड़क भी बदहाल
पिथौरागढ़। भारी बारिश के कारण तवाघाट-सोबला-ढाकर (67 किमी) सड़क भी बदहाल है। इस सड़क से सेना और अन्य वाहनों को आवाजाही के दौरान दिक्कत हो रही है। तवाघाट से सोबला 20 किमी सड़क का रखरखाव बीआरओ कर रही है। इससे आगे 47 किमी सड़क का रखरखाव सीपीडब्ल्यूडी कर रही है।
धापा-मिलम सड़क के निर्माण की गति बेहद धीमी
मुनस्यारी। धापा से चीन सीमा के मिलम को जोड़ने के लिए बन रही सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2008 से बीआरओ कर रहा है। एबीसीआई कंपनी धापा से मिलम की ओर सड़क बना रही है। एबीसीआई के प्रोजेक्ट मैनेजर केशव जोशी के अनुसार कंपनी के पास 24 किमी बोगडियार तक सड़क निर्माण का जिम्मा है।
धापा से रेलगाड़ी तक करीब 20.25 किमी सड़क कटिंग का निर्माण पूरा हो चुका है। मिलम से बुगडियार तक करीब 41 किमी सड़क बीआरओ बना रही है, जिसमें अब तक बीआरओ मापांग से थोड़ा नीचे घोड़ालोटन तक लगभग 29 किमी काट चुकी है। अब वर्तमान में घोड़लोटन से बुगडियार तक 16 किमी शेष है। बीआरओ सूत्रों के अनुसार 2022 तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करना है। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू का कहना है कि जिस रफ्तार से बीआरओ कार्य कर रही है उससे ऐसा लगता है कि 2025 तक भी यह सड़क बन नहीं पाएगी।