सरकारी स्कूल अव्यवस्थाओं का शिकार हैं। शिक्षा महकमा सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने के लिए रैलियां निकालता है, जन जागरूकता अभियान चलाया है, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों का इंतजाम सरकार और शिक्षा महकमा नहीं कर पा रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज रोड़ीपाली की सात कक्षाओं को पढ़ाने के लिए मात्र दो शिक्षक तैनात हैं। शिक्षकों की कमी से विद्यालय में पढ़ाई चौपट हो गई है। अभिभावकों ने शिक्षकों की तैनाती न होने पर जिलाधिकारी कार्यालय में अनशन करने की चेतावनी दी है।
राजकीय इंटर कॉलेज रोड़ीपाली में 202 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। यह स्कूल दो शिक्षकों के सहारे चल रहा है। विद्यालय में छह महीने से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई बाधित हो गई है। अभिभावक लगातार शिक्षकों की तैनाती की मांग विभाग से कर रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है। वहीं, रोड़ी की प्रधान भावना बिष्ट, पाली के प्रधान दिनेश बसेड़ा, पूर्व प्रधान गजेंद्र बिष्ट ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है।
कहा है कि शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो गया है। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इन लोगों ने एक महीने के भीतर शिक्षकों की तैनाती न होने पर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन की प्रति जिला शिक्षाधिकारी को दी गई है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शिक्षकों की तैनाती के लिए मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश देने की बात कही है।