बंगापानी (पिथौरागढ़)। आखिरकार बंगापानी तहसील के आपदा प्रभावित दूरस्थ गांव आलम-दारमा, मवानी-दवानी सहित पांच गांवों तक वाहन चलने का रास्ता बनता दिख रहा है। नौ साल बाद बमुश्किल बने पुल के पास बने गड्ढे को पाटने का कार्य शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है।
दरअसल मवानी-दवानी, आलम-दारमा, मदरमा, धामीगांव और माणीधामी गांवों को जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण किया गया है। मुख्य सड़क से इस सड़क को जोड़ने के लिए बमुश्किल नौ साल बाद पुल बना। पुल निर्माण के दौरान सड़क के शुरुआती हिस्से पर बने बड़े गड्ढे के कारण आज तक वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।
कई बार गड्ढा भरने की मांग की गई लेकिन सिस्टम नींद से नहीं जागा। ग्रामीणों की परेशानी और सिस्टम की इस अनदेखी को संवाद न्यूज एजेंसी ने बीते सात सितंबर के अंक में नौ साल में न चले अढ़ाई कोस... विकास का पुल बना तो अनदेखी का गड्ढा आड़े आया शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर का संज्ञान लेकर प्रशासन और लोनिवि ने पुल के शुरुआत में बने गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया है। जेसीबी मशीन और डंपर की सहायता से गड्ढे में मिट्टी डाली जा रही है। ग्रामीणों को अपने गांव तक वाहन पहुंचने के साथ ही दुश्वारियां कम होने की उम्मीद जगी है।
गड्ढा भरने तक नहीं रुकेगा काम
पुल की शुरुआत में बने गड्ढे को भरने के लिए लोनिवि को बढ़ी मात्रा में मिट्टी और पत्थरों की जरूरत है। खबर प्रकाशित होते ही लोनिवि को प्रशासन ने मिट्टी खोदाई के लिए सिर्फ दो दिन की अनुमति दी। जब संवाद न्यूज एजेंसी ने इस मामले को उजागर किया तो लोनिवि को गड्ढा भरने तक मिट्टी की खोदाई के लिए अनुमति मिल गई है। अधिकारियों का कहना है कि गड्ढा भरने तक काम नहीं रुकेगा।
कोट
मवानी-दवानी और आमल-दारमा सड़क पर पुल के पास बने गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। गड्ढे का पूरा भराने होने तक काम जारी रहेगा। उच्चाधिकारियों ने इसकी अनुमति दी है। - अजय थपलियाल, ईई, लोनिवि, डीडीहाट