बृहस्पतिवार शाम शौच के लिए महाकाली के किनारे गए व्यक्ति की काली में डूबने से मौत हो गई। 12 घंटे बाद झूलापुल के पास शव उतराते मिला।
बूंदी गांव निवासी हीरा बुदियाल (40) पुत्र मन सिंह अपने दो बेटों के साथ खोतिला मोहल्ले में रहता था। बृहस्पतिवार शाम 7 बजे हीरा बुदियाल शौच के लिए महाकाली के किनारे गया था। अंधेरा होने के कारण एक पत्थर में पांव फिसला और वह सीधे नदी में जा गिरे। घर पर दोनों बच्चे खाना खाकर सो गए। शुक्रवार सुबह 7.30 बजे कुछ लोगों को अंतरराष्ट्रीय झूलापुल के समीप महाकाली में किसी लाश को उतराती दिखाई दी। इन लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। थानाध्यक्ष रोहताश सागर के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने किसी तरह शव को बाहर निकाला। काफी देर तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई। नेपाली ब्रांड के कपड़े, जूते होने के कारण पहचान के लिए नेपाल पुलिस की मदद ली गई। तीन घंटे बाद मृतक की शिनाख्त बूंदी निवासी हीरा बुदियाल के रूप में हुई। उसके बेटों ने भी शव को पहचान लिया। बाद में मौके पर पहुंचे अन्य परिजनों ने भी इसकी पुष्टि की। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
खोतिला में रहने वाले अधिकांश लोग जनजाति समुदाय के हैं। शौचालय नहीं होने के कारण यहां के लोग अभी भी शौच के लिए नदी किनारे जाते हैं। जून 2013 में आई आपदा के बाद से खोतिला का नदी तट काफी खतरनाक स्थिति में है। यहां पर तटबंध निर्माण का काम अभी तक नहीं हुआ है। शौच को जाते वक्त कई लोग पहले भी मौत का शिकार हो चुके हैं।