बिण के मासों गांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मंजू देवी के साथ मौजूद ग्राम प्रधान जाग
पिथौरागढ़। दोली गांव के बाद अब सीमांत जिले का मासों गांव भी मुकदमेबाजी मुक्त गांव घोषित किया गया है। यहां के किसी भी ग्रामीण के खिलाफ कोई आपराधिक मामला आज तक दर्ज नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने हर विवाद को आपस में सुलझाते हुए समरसता और आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की है।
दोली के बाद पुलिस सर्वे के आधार पर मासों गांव भी मुकदमेबाजी मुक्त गांव घोषित किया गया है। करीब 400 की आबादी वाले इस गांव के 50 वर्षों के इतिहास में गांव के विवाद का कोई मामला थाने और न्यायालय तक नहीं पहुंचा है। किसी भी ग्रामीण के खिलाफ आज तक कोई भी आपराधिक मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मंजू देवी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। वहां ऐंचोली चौकी प्रभारी कमलेश चंद्र जोशी, कांस्टेबल गौरव बिष्ट, होशियार सिंह आदि थे। संवाद
सुकौली भी चुना गया है मुकदमेबाजी मुक्त गांव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुताबिक, जिले का सुकौली गांव भी मुकदमेबाजी मुक्त गांव के रूप में चयनित हुआ है। जल्द ही प्राधिकरण की टीम गांव पहुंचकर ग्रामीणों को इसका प्रमाणपत्र देकर सम्मानित करेगी।