मुनस्यारी में एसडीएम को ज्ञापन देते गोरीपार के लोग
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मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र की हालत बेहद खराब है। बुधवार को गोरीपार के लोगों को एक ज्ञापन एसडीएम को देने के लिए 20 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ा। गोरीपार से यह लोग राजकीय इंटर कॉलेज उछैती में शिक्षकों के रिक्त पद भरने की मांग कर रहे हैं। गोरीपार से पहले इन लोगों ने सुबह सात बजे गरारी से गोरी नदी पार की। बसंतकोट पहुंचने पर पता चला कि रोड खराब होने के कारण वाहन नहीं चल रहे हैं। इन लोगों ने वापस लौटने के बजाए मुनस्यारी का रुख किया और अपरान्ह एक बजे एसडीएम के पास पहुंचकर ज्ञापन दिया।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने बताया कि जीआईसी उछैती में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के दस पद रिक्त हैं। विद्यालय में पढ़ाई चौपट है। गरीब परिवारों के लोग अपने बच्चों को अन्यत्र स्कूलों में भेज पाने की स्थिति में नहीं हैं, जिन लोगों की आर्थिक हालत ठीक है वह पहले ही बच्चों को पढ़ाने के लिए पिथौरागढ़ और हल्द्वानी जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक को इस समस्या के बारे में कई पत्र भेज दिए हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं आता। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने कहा कि वह ज्ञापन शिक्षामंत्री तक पहुंचा देंगे और समस्या की जानकारी देंगे। ज्ञापन देने वालों में किशन सिंह पाना, पूरन राम, प्रह्लाद सिंह, केदार सिंह कोश्यारी, दान सिंह कोरंगा, मनोज पाना आदि थे।
चार साल से नहीं दिखे डॉक्टर
क्षेत्र के लोगों ने गोरीपार के राजकीय एलोपैथिक अस्पताल उछैती में चार साल से किसी डॉक्टर को नहीं देखा है। वर्ष 2002 तक अस्पताल में एक डॉक्टर तैनात थे। उनके स्थानांतरण के बाद जिस डॉक्टर की तैनाती हुई, वह कभी अस्पताल नहीं आए। भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रयाग सिंह पॉलीवाल ने एसडीएम को ज्ञापन देकर मांग की कि मदकोट अस्पताल के डॉक्टर की सप्ताह में दो दिन उछैती अस्पताल में ड्यूटी लगाई जाए।