पिथौरागढ़। राजकीय प्राथमिक पाठशाला हराली का भवन जीर्ण-शीर्ण हो गया है। छत की सरिया में जंग लग चुका है। हादसा होने की आशंका को देखते हुए पठन-पाठन बरामदे में किया जा रहा है।
देवलथल तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हराली में वर्तमान में 16 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल में तीन शिक्षक तैनात हैं। छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधा मिले, इसको देखते हुए लगभग एक दशक पूर्व लाखों रुपये खर्च कर नया भवन बनाया गया लेकिन इतने कम समय में ही विद्यालय की छत खराब हो गई। कक्षा कक्षों के लिंटर का सरिया नजर आने लगा है। छत से कंक्रीट के टुकड़े चटक कर गिरते रहते हैं। बारिश के समय हादसे की आशंका को देखते हुए कक्षाओं का संचालन दो-तीन वर्षों से बरामदे में किया जा रहा है।
बरामदे में चलती हैं पांच कक्षाएं
राजकीय प्राथमिक विद्यालय हराली का भवन जर्जर होने के कारण पांच कक्षाओं का संचालन एक ही बरामदे में करना पड़ रहा है। एक से पांचवीं तक की कक्षाओं का एक ही स्थान पर पठन-पाठन होने से बच्चों और शिक्षकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
कोट
राजकीय प्राथमिक विद्यालय हराली का भवन जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। छत जर्जर हाल है। लंबे समय से मांग उठाई जा रही है। अभी तक भवन के सुधार के लिए धनराशि स्वीकृत नहीं की गई है। यदि इसी तरह उपेक्षा की गई तो कभी भी हादसा हो सकता है। - जगदीश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता
हराली विद्यालय में वर्तमान में 16 बच्चे पढ़ रहे हैं। कक्षा-कक्षों की स्थिति पठन-पाठन के योग्य नहीं होने के कारण बरामदे में शिक्षण कार्य किया जा रहा है। इस मामले को मुख्य शिक्षा अधिकारी के समक्ष उठाया जाएगा। - होशियार सिंह, नव निर्वाचित प्रधान हराली
जो विद्यालय जीर्ण-शीर्ण हालत में पहुंच गए हैं, उनकी सूची तैयार कर शासन को भेजी गई है। शासन से धनराशि स्वीकृत होने पर ऐसे भवनों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। - एचआर कोहली, सीईओ पिथौरागढ़