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Pithoragarh News: ब्लॉक प्रमुख चुनाव का नतीजा तय करेगा दिग्गजों का 2027 का भविष्य

Wed, 13 Aug 2025 10:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। आज जिले के आठ में से सात विकासखंडों में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव होगा। मूनाकोट, डीडीहाट और बेड़ीनाग को छोड़कर अन्य सभी विकासखंडों में दोनों ही राष्ट्रीय दल भाजपा और कांग्रेस में सीधी जंग है। चुनाव भले ही ब्लॉक प्रमुखों का होगा लेकिन इसके नतीजे दोनों ही दलों के दिग्गजों के लिए 2027 का भविष्य तय करेंगे।
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जिले के बिण, कनालीछीना, डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला, गंगोलीहाट और बेड़ीनाग में 250 बीडीसी सदस्य ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में अपनी भागीदारी निभाएंगे। मूनाकोट में एकल नामांकन होने से निर्दलीय प्रत्याशी की जीत तय है। कनालीछीना, डीडीहाट और मूनाकोट विकासखंड के अंतर्गत आने वाली विधानसभा में भाजपा, धारचूला और मुनस्यारी के अंतर्गत आने वाली विधानसभा में कांग्रेस और गंगोलीहाट, बेड़ीनाग के अंतर्गत आने वाली विधानसभा में भाजपा का कब्जा है।
बिण विकासखंड के अंतर्गत पिथौरागढ़ विधानसभा पर कांग्रेस का दबदबा है। निकाय चुनाव में उपजे विवाद के चलते विधायक ने फिलहाल पार्टी से किनारा किया हुआ है। कांग्रेस विधायक मयूख महर को छोड़ दें तो इस दल के धारचूला से विधायक हरीश धामी, डीडीहाट से भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल और गंगोलीहाट से भाजपा विधायक फकीर राम टम्टा पंचायत चुनाव में अपनी-अपनी विधानसभाओं में सक्रिय रहे।
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इन सभी नेताओं की अपने खेमे के ब्लॉक प्रमुख बनाने के लिए क्षेत्र पंचायत सीटों पर नजर रही। अब वह घड़ी आ गई है जब मैदान में डटे दावेदारों के साथ ही इन दिग्गजों की मेहनत और भाग्य का फैसला भी होगा। पंचायत चुनाव के यह नतीजे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इन दिग्गजों की टिकट पाने से लेकर जीत तक की राह तय करने में निर्णायक साबित होंगे। संवाद

मूनाकोट और डीडीहाट में चुनाव से पहले ही हार चुकी है भाजपा
बीते 25 वर्षों से कब्जे वाले डीडीहाट और मूनाकोट विकासखंड में भाजपा इस बार चुनाव से पहले ही हार चुकी है। डीडीहाट ब्लॉक में संयुक्त मोर्चे की किलेबंदी में भाजपा ऐसे फंसी कि अपना प्रत्याशी खड़ा करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाई। संयुक्त मोर्चा के बैनर तले अधिकांश बीडीसी सदस्यों में पहले ही ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए सहमति बन गई जिसके बाद यहां भाजपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया। इस विधानसभा के अंतर्गत मूनाकोट में भी भाजपा ने चुनाव से पहले ही हथियार डाल दिए। निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में अधिकांश बीडीसी सदस्यों के खड़े रहने से भाजपा ने यहां भी प्रत्याशी घोषित करने से हाथ पीछे खींच लिए। जब दोनों विकासखंडों में सत्ताधारी पार्टी ही प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी तो कांग्रेस के लिए भी ऐसा कर पाना कैसे संभव होता।

विधायकों के संभावित दावेदार भी रहे सक्रिय
पंचायत चुनाव में विधायकों के साथ विधानसभा चुनाव में दावेदारी की तैयारी में जुटे नेता भी खासे सक्रिय रहे। चाहे बीडीसी सदस्य हो या जिला पंचायत सदस्य का चुनाव। ये नेता प्रत्याशियों के साथ खड़े रहे ताकि करीबियों की जीत के साथ उनके टिकट पाने की राह आसान हो सके। भाजपा निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने में कामयाब रही है। आज ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में दिग्गजों के साथ ही विधायक की दावेदारी की तैयारी कर रहे नेताओं की परीक्षा होगी। कौन इस परीक्षा में पास होगा और कौन फेल, इसका फैसला आज होगा।
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