थल (पिथौरागढ़)। थल के द्योताली गार्जिला के वट सावित्री पूजन स्थल पर नवनिर्मित गौरा भवानी के मंदिर में गौरा भवानी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन, हवन यज्ञ किया गया।
बृहस्पतिवार सुबह गौरा भवानी की मूर्ति का रामगंगा नदी के त्रिवेणी संगम में जलाभिषेक किया। इसके बाद बालेश्वर मंदिर से मूर्ति की शोभायात्रा ढोल नगाड़ों के साथ गौरा भवानी मंदिर तक पहुंची। महिलाएं कलश यात्रा के साथ मुख्य बाजार होते हुए गौरा भवानी मंदिर पहुंचीं। मुख्य पंडित प्रदीप कृष्ण भट्ट ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति की स्थापना की।
पंडित चिंतामणि जोशी ने हवन, यज्ञ और बालेश्वर मंदिर के पुजारी गणेश दत्त भट्ट ने घृत और तिल से हवन, यजमान कृपाल सिंह भंडारी और मंजू भंडारी ने हवन, यज्ञ संपन्न काराया। महिलाओं ने देर रात तक भजन कीर्तन गाकर माहौल को भक्तिमय किया। सभी श्रद्धालुओं को मुख्य आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान नवीन चंद्र पाठक, दिनेश चंद्र पाठक, प्रांजल पाठक, जया पाठक, नीता पपनै, दीपा जोशी, हंसा बिष्ट, शांति बिष्ट सहित अमतड़ गांव के लोग मौजूद रहे।