धारचूला।खेल-खेल में भकार में बंद होने से मौत के मुंह में समाए खुम्ती गांव के तीनों मासूमों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मासूमों को अंतिम विदाई देने ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान परिजनों की रुदन से घाट गूंज उठा।
सोमवार को गांव से नम आंखों के बीच मासूमों की शव यात्रा निकली। मासूमों को अंतिम विदाई देने खुम्ती के साथ ही दाड़िम पाटा, तल्ला खुम्ती कालिका से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे। इसके बाद कालिका घाट में मासूमों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान मासूमों के पिता सुरेंद्र सिंह, दादा खुशाल सिंह फूट-फूटकर रो पड़े। उनके रुदन से घाट का मातमी माहौल और गमगीन हो गया। अन्य संबंधी और ग्रामीण भी अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए।
इधर, एक ही परिवार के तीन मासूमों की मौत के दूसरे दिन भी क्षेत्र शोक में डूबा रहा। विविध संगठनों ने शोक सभा कर मासूमों को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले जिलाधिकारी सी रविशंकर के निर्देश पर शनिवार रात साढ़े 11 बजे धारचूला संयुक्त अस्पताल में मासूमों का पोस्टमार्टम किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह, नरेंद्र बिष्ट, ईश्वर दानू आदि के सहयोग से बच्चों के शवों को परिजन धारचूला लाए। सोमवार सुबह मासूमों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस से घाट ले जाया गया। घाट में रं कल्यांण संस्था के अध्यक्ष केएस गर्ब्याल, राजेश कुटियाल, डुंगर दानू, विधायक प्रतिनिधि नृप गर्ब्याल, कैलाश रावत, गुमान बिष्ट, रूप सिंह दानू, रुकुम बिष्ट आदि ने श्रद्धांजलि और अंतिम विदाई दी।