पहाड़ पर हो रही बारिश के बीच नाचनी में जंगल में आग लगने की घटना सामने आई है। पुलिस और ग्रामीणों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। क्षेत्र में शनिवार को बारिश नहीं हुई थी। जंगल में जानबूझकर आग लगाने की आशंका जताते हुए पुलिस आग लगाने वालों का पता लगाने में जुट गई है।
उधर, अप्रैल में बारातोली क्षेत्र के जंगलों में आग लगाने के मामले में क्षेत्र के 18 लोगों से पुलिस ने पूछताछ की। यह लोग संबंधित जंगलों में पशुपालन करते हैं। इन पर पुलिस को आग लगाने का संदेह था। पुलिस ने इन लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। कहा कि बारातोली के जंगलों में आग लगने की घटना होने पर यह लोग जिम्मेदार रहेंगे।
शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे थाने की पीछे की पहाड़ी पर अचानक आग लग गई। देखते ही देखते वन पंचायत धामीगांव के अधीन आने वाले जंगल में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। शाम को करीब 6 बजे थानाध्यक्ष महेश कांडपाल, जवान संतोष राठौर, देशराज कांबोज, सतीश राणा, चंद्रमोहन तिवारी, सुरेश राम, सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कलोनी आदि ने एक घंटे बाद सात बजे आग पर काबू पाया।
थानाध्यक्ष ने जंगल में जानबूझ कर आग लगाने की आशंका जताई है। कहा कि वन पंचायत के जंगल में घास के लिए अतिक्रमण करने की सूचना मिल रही है। घास अच्छी होने के भ्रम में आग लगाने की आशंका है। थानाध्यक्ष ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। जंगल को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों तक पुलिस के हाथ जल्द पहुंचेंगे।