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रात को पुल खुलते ही खिले नेपालियों के चेहरे

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झूलाघाट झूलापुल से वतन वापसी के लिए कतार में खड़े नेपाली नागरिक। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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भारत-नेपाल दोनों देशों के स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के लगातार प्रयासों के बाद शुक्रवार रात अंतरराष्ट्रीय झूलापुल के गेट खोल दिए गए। गेट खुलते ही भारतीय सीमा में फंसे मजदूरों के चेहरे खिल उठे। इसके बाद आठ महिलाओं समेत 206 नेपाली मजदूरों को एक-एक कर नेपाल भेजा गया।
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सीमा पर फंसे नेपाली मजदूरों को उनके वतन लौटाने के लिए पुलिस-प्रशासन, एसएसबी के साथ ही नेपाल व्यापार मंडल अध्यक्ष मंगल सिंह ठकुन्ना, धारचूला व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, दार्चुला मेयर हंस राज भट्ट के प्रयास सराहनीय रहे। उनके प्रयासों के बाद शुक्रवार रात सात बजे नेपाल की ओर से गेट खोला गया।
थानाध्यक्ष विजेंद्र शाह, नायब तहसीलदार मनीषा बिष्ट, एसएसबी पुल इंचार्ज एएसआई मोहन सिंह ने सभी मजदूरों को एक-एक कर नेपाल भेजा। वहां से तीन भारतीय भी धारचूला लौटे। इसी बीच, थानाध्यक्ष को सूचना मिली की 19 मजदूर और आ रहे हैं। इस पर वह मजदूरों को लेने कालिका पहुंचे। रात में 10: 30 बजे नेपाल प्रशासन से वार्ता के बाद उनकी भी झूलापुल का गेट खोल कर वतन वापसी कराई गई।
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श्मशान घाट बना मजदूरों का विश्राम स्थल
धारचूला। भारत में काम करने वाले नेपाली बड़ी संख्या में लौट रहे हैं। नगर पालिका का काजी हाउस और शमशान घाट इन मजदूरों का विश्राम गृह बने हैं। शनिवार को डीडीहाट क्षेत्र से 80 किमी की दूरी पैदल चलकर भूखे-प्यासे 83 नेपाली मजदूर झूलापुल के पास पहुंचे। सभी काली नदी के किनारे बने काजी हाउस में बैठे हैं। वीरेंद्र सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के चलते उन्हें काम भी नहीं मिल रहा है। बताया कि शाम तक 50 मजदूर और पहुंचने वाले हैं। मजदूरों के खाने-पीने की व्यवस्था स्थानीय लोगों की ओर से की जा रही है। रात में यह लोग गौशाला और काली नदी किनारे बने श्मशान घाट के विश्राम स्थल में सो रहे हैं। संवाद
बैतड़ी के सांसद भंडारी के प्रयास से 182 नेपाली पहुंचे वतन
झूलाघाट। भारत में लॉकडाउन के बाद फंसे 182 नेपालियों को शुक्रवार रात 10 :15 नेपाल भेजा गया। सभी लोगों को मेडिकल जांच के बाद बैतड़ी में बनाए गए क्वारंटीन केंद्रों में रखा गया है। दरअसल, झूलाघाट में फंसे लोगों ने नेपाल अपने गांव के लोगों से वार्ता की। ग्रामीणों ने बैतड़ी के सांसद दामोदर भंडारी को मामले की जानकारी दी। सांसद भंडारी ने नेपाल विदेश मंत्रालय में वार्ता की। इसके बाद ही कोरोना नियंत्रण उच्चस्तरीय कमेटी ने झूलाघाट और दार्चुला पुलों को खोलने की सहमति दी। झूलापुल रात में 11: 25 बजे बंद हुआ। एसएसबी के एएसआई जीवन सिंह ने बताया कि 182 नेपालियों को मेडिकल जांच के बाद नेपाल भेजा गया।
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