पिथौरागढ़ कुमाऊं मंडल विकास निगम में जयकारा लगाते यात्री
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मौसम खुलने के बाद कैलाश यात्रा पूरी कर लौटे 12वें दल के 16 यात्रियों को गुंजी से पिथौरागढ़ पहुंचने में आठ दिन लगे। गुंजी से पिथौरागढ़ की दूरी 170 किलोमीटर है। 11वें दल के 60 यात्री अभी गुंजी में ही फंसे हैं। यात्रा पर जा रहे 15वें दल के 29 सदस्य ही गुंजी जा सके, जबकि 29 यात्रियों को नैनीसैनी हवाई पट्टी से लौटना पड़ा।
मंगलवार सुबह मौसम साफ होने पर नैनीसैनी हवाई पट्टी से वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने गुंजी के लिए उड़ान भरी। नैनीसैनी से 15वें दल के 29 यात्रियों को गुंजी ले जाया गया। वहां से 12वें दल के 16 यात्रियों को पिथौरागढ़ लाया गया। इस दल के 27 यात्री पहले ही वापस लौट गए थे। इसके बाद मौसम खराब होने से इन 16 यात्रियों को गुंजी में आठ दिन बिताने पड़े।
मेरठ निवासी वीरेंद्र कुमार त्यागी, गाजियाबाद निवासी रोशन लाल, हल्द्वानी निवासी राजेंद्र प्रसाद पंत, मुंबई निवासी सुचिता, कलकत्ता निवासी शिप्रा चंदा और अहमदाबाद निवासी दामिनी पांड्या कैलाश के दर्शन कर खुश नजर आए। उन्होंने बताया कि गुंजी में खराब मौसम के कारण उन्हें आठ दिन अतिरिक्त रुकना पड़ा। वहां पर किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। आईटीबीपी के फोन से परिजनों से भी बातचीत हुई।
यह दल पिथौरागढ़ टीआरसी में कुछ समय रुकने के बाद जागेश्वर के लिए रवाना हो गया। यात्रा के नोडल अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने बताया कि 13वां दल यात्रा पूरी कर भारत लौट आया है। 14वां दल चीन में मानसरोवर की परिक्रमा कर रहा है। उन्होंने बताया कि गुंजी जाने से छूट गए 15वें दल के शेष 29 यात्रियों को अब बुधवार को भेजा जाएगा। वहां से 11वें दल के यात्रियों को पिथौरागढ़ लाया जाएगा।
महिला यात्री का स्वास्थ्य बिगड़ा
पिथौरागढ़। कैलाश यात्रा पूरी कर लौटे 12वें दल में शामिल गाजियाबाद निवासी महिला यात्री रेनू की तबियत गुंजी में बिगड़ गई। कमजोरी की शिकायत पर इस महिला यात्री को हवाई पट्टी से एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सक डॉ. एमसी रजवार ने महिला की जांच की। इलाज के बाद महिला यात्री का स्वास्थ्य सामान्य होने पर छुट्टी दे दी गई।