हाईकोर्ट ने कुमाऊं कमिश्नर के न्यायालय में विचाराधीन मिशन चंडाक की भूमि में यथास्थिति बनाने के आदेश दिए हैं। लैप्रोशी मिशन ट्रस्ट इंडिया ने चंडाक की भूमि में किसी प्रकार की दखलंदाजी रोकने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
शुक्रवार को लैप्रोशी मिशन ट्रस्ट इंडिया चंडाक के अधीक्षक आनंद सिंह ने इस बाबत डीएम को ज्ञापन के साथ ही उच्च न्यायालय के आदेशों की प्रति सौंपी है। कहा कि चंडाक की जमीन का मामला कुमाऊं कमिश्नर के न्यायालय में लंबित है। लंबित मामले में किसी प्रकार का हस्तक्षेप संबंधित न्यायालय की अवमानना माना जाता है। कहा कि दो अक्तूबर को कुछ लोगों ने संस्था की भूमि में पौधरोपण कर दखलंदाजी करने की कोशिश की। इस बाबत तीन अक्तूबर को डीएम को पत्र दिया गया था।
कहा कि स्थगन आदेश के लिए उन्हें उच्च न्यायालय में रिट दायर करनी पड़ी। नौ सितंबर को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ ने चंडाक की भूमि में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। मामले में राज्य सरकार और कुमाऊं आयुक्त पक्षकार हैं। स्थगन आदेश से सब भलीभांति अवगत हैं। ऐसे में प्रार्थी पक्ष की भूमि में किसी किस्म की दखलंदाजी उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना होगी।