गंगोलीहाट के पातालभुवनेश्वर मंदिर समूह से मां महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति चोरी में लिप्त पांच आरोपियों को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को दो-दो साल के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
ज्येष्ठ अभियोजना अधिकारी सुनीता भट्ट और हरीश चंद्र पुनेठा ने बताया कि 18 अगस्त 2012 को पातालभुवनेश्वर मंदिर समूह से मां महिषासुर मर्दिनी की 14वीं शताब्दी की मूर्ति चोरी हो गई थी। इस मूर्ति का महिषासुर वाला भाग 28 फरवरी 2013 को पुलिस की एसओजी टीम और मां दुर्गा वाला भाग दो मार्च 2013 को एसडीएम और पुलिस की टीम ने बरामद किया। मूर्ति को चोरों ने खंडित कर दिया था। यह मूर्ति तहसील गंगोलीहाट के खिरमांडे क्षेत्र निवासी चंदन सिंह, कुंदन सिंह, भूपेश सिंह, भगवान सिंह और अनिल कुमार के कब्जे से बरामद की गई थी। मामले में राजस्व उपनिरीक्षक दीपक कुमार ने तफ्तीश कर पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 22 गवाह अदालत में पेश किए गए। शुक्रवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने आरोपियों को सजा सुना दी।