पिथौरागढ़ जिले में बेहतर इलाज के दावे के साथ करोड़ों रुपये खर्च कर खोले गए बेस अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बेस में पहले से ही फैकल्टी के रूप में विशेषज्ञों की तैनाती में पसीने छूट रहे हैं, उस पर यहां तैनात सामान्य चिकित्सकों का अनुबंध खत्म होने से दिक्कत बढ़ गई है। 20 सामान्य चिकित्सकों का अनुबंध खत्म हो गया है और इनकी जगह बेस को सिर्फ 10 डॉक्टर ही मिल सके हैं। ऐसे में चिकित्सकों की कमी से अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराने की आशंका है।
मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, सीनियर रेजीडेंट और जूनियर रेजीडेंट के 196 पदों पर तैनाती होनी है। संचालन के दो साल बाद भी बेस को सिर्फ डेंटल और हड्डी के दो एसोसिएट प्रोफेसर मिल सके हैं। चार बार साक्षात्कार के बाद भी चिकित्सा शिक्षा विभाग को बेस अस्पताल के लिए 194 विशेषज्ञ नहीं मिल पाए हैं।
बेस अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग से अनुबंध के तहत 20 सामान्य चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। मार्च में इनका भी अनुबंध खत्म हो गया है। इनकी जगह सिर्फ 10 चिकित्सकों की तैनाती हुई है। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन जल्द ही 10 सामान्य चिकित्सकों की तैनाती की बात कर रहा है।
फैकल्टी के लिए 9 को होगा पांचवां साक्षात्कार
बेस अस्पताल में विशेषज्ञों के रूप में फैकल्टी की तैनाती करना चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गया है। अब तक हुए चार साक्षात्कारों के बाद भी यहां सिर्फ दो फैकल्टी की तैनाती हो सकी है। अब शासन स्तर पर फैकल्टी की कमी को पूरा करने के लिए नौ अप्रैल को पांचवां साक्षात्कार होगा। मेडिकल कॉलेज के साथ ही सीमांत के लोगों को इस साक्षात्कार से बड़ी उम्मीदें हैं।
बेस अस्पताल में तैनात 20 सामान्य चिकित्सक अपनी एक साल की सेवा पूरी कर चुके हैं। तैनाती की तिथि के अनुसार इनका अस्पताल से जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इनकी जगह नए चिकित्सकों की तैनाती हो रही है। फैकल्टी की तैनाती के लिए साक्षात्कार भी होना है। - डॉ. अजय आर्या, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़