थल से लेजम तक चार किलोमीटर लंबी सड़क की दशा 17 वर्ष में भी नहीं सुधर पाई है। इस सड़क के दो किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए तीन माह पूर्व लोनिवि ने टेंडर लगाए थे, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। सड़क का सर्वे इतना खराब किया गया कि इसका हर मोड़ डेंजर जोन में आता है, जिस स्थान से सड़क को लिंक किया गया है वहां पर तीव्र ढलान है और किनारे पैराफिट भी नहीं बनाए गए हैं।
बता दें कि लेजम गांव के लोगों ने सड़क की मांग को लेकर लंबा संघर्ष किया था, लेकिन जब सड़क बनी तो उससे कोई फायदा नहीं मिल पाया। 1999 में बनी इस सड़क की दशा अब तक भी नहीं सुधर पाई है। सड़क में लकड़ीगाड़ के पास भी बेहद खतरा है। वहां पर पुल बनाने की मांग क्षेत्र के लोग उठा रहे हैं। लेजम के लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद भी उनको 108 सेवा और रसोईगैस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया है। लोगों को आज भी मरीज अपने साधनों से प्राइवेट वाहनों में लाने पड़ते हैं।
ग्रामीण सड़कों के प्रति उपेक्षा बंद हो
लेजम के प्रधान हयात सिंह का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के प्रति विभाग और सरकार का रवैया हमेशा उपेक्षा वाला रहता है। यदि सरकार गांवों की सड़कों की तरफ सही से ध्यान देती तो लोगों को फायदा मिलता। गांवों में पैदा होने वाले उत्पादों को बाजार तक लाने में मदद मिल जाती। वह कहते हैं कि सड़क का तत्काल चौड़ीकरण किया जाए।
अब क्षेत्र के लोग आंदोलन करेंगे
कमद की प्रधान नीमा देवी का कहना है कि अब सड़क की दशा सुधारने के लिए गांव के लोग आंदोलन करेंगे। इतनी खतरनाक सड़क में आवागमन कर पाना संभव नहीं है, यदि तत्काल सड़क के चौड़ीकरण और सुधारीकरण का काम शुरू नहीं हुआ तो लोग विरोध जताएंगे। उन्होंने कहा कि 17 वर्ष में भी सड़क का न सुधर पाना शर्म की बात है।