अस्कोट के मल्लिकार्जुन मंदिर परिसर में लगी आग।
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सीमांत के जंगलों में आग लगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। ओगला और नारायणनगर के चीड़ के जंगलों के साथ ही अस्कोट, चंपावत और टनकपुर के जंगल भी आग से धधक रहे हैं। अस्कोट मल्लिकार्जुन मंदिर परिसर तक पहुुंची आग पर तो काबू पा लिया गया, लेकिन सैकड़ों पौधे नष्ट हो गए।
ओगला और नारायण के जंगलों में आग धधक रही है। वन विभाग के कर्मी आग बुझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। उधर, अस्कोट में मंगलवार रात असामाजिक तत्वों ने सड़क किनारे आग लगा दी। आग फैलते-फैलते मल्लिकार्जुन मंदिर परिसर तक पहुंच गई। मंदिर परिसर में आम, आंवला, बांज, अमरूद समेत विभिन्न प्रजातियों के करीब 500 पौधे लगाए गए हैं।
आग लगते देख लोनिवि के इंद्र सिंह के नेतृत्व में महेंद्र अधिकारी, सुजल सिंह कार्की, अभिषेक सिंह, विनय कार्की मौके पर पहुंचे उन्होंने बमुश्किल आग पर काबू पाया। उन्होंने कई पौधों को तो बचा लिया लेकिन अधिकांश पौधे झुलस गए हैं। इंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को पौधों की देखभाल कर उन्हें पानी देकर बचाने का प्रयास किया जाएगा। इधर वन क्षेत्राधिकारी आरएस बिष्ट ने बताया कि आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों का पता लगाया जा रहा है।