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बैंक बंद, एटीएम के आगे लगी लंबी कतार

Sat, 10 Dec 2016 10:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में स्टेट बैंक के एटीएम के सामने लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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बैंकों में तीन दिन का अवकाश शुरू हो गया है। सभी बैंक शनिवार से बंद हो गए हैं, लेकिन इस बार बैंकों ने लगभग सभी एटीएम में पैसे डाल दिए थे। यह बात अलग है कि इतनी लंबी भीड़ के जुटने से अधिकांश एटीएम का यह पैसा रविवार तक समाप्त हो जाएगा। रुपयों को लेकर लोगों की परेशानी कतई कम नहीं हुई है। कई लोगों के पास तो परिवार का खर्च चलाने भर के लिए पैसा नहीं रह गया है। बड़ा सामान खरीदने के बारे में तो कोई सोच तक नहीं रहा है।
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स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के दोनों एटीएम शनिवार को खुले रहे, लेकिन लोगों की भीड़ सुबह पांच बजे से लग गई। दस बजते ही भीड़ काफी बढ़ गई थी। लोग इस आशंका में भी रहे कि घंटों लाइन में लगने के बाद यदि एटीएम में पैसा समाप्त हो गया तो निराश लौटना पड़ेगा। जाहिर सी बात है कि यदि एटीएम में पैसा समाप्त हो गया तो नया पैसा डाल पाना संभव नहीं होगा क्योंकि सभी बैंक अवकाश के कारण बंद चल रहे हैं।

इस बीच जिले में अब तक रिजर्व बैंक से नई करेंसी नहीं पहुंच पाई है। पांच सौ का नया नोट किसी भी बैंक शाखा में नहीं पहुंचा है। काउंटर भुगतान के तौर पर लोगों को 2000, 100, 50, 20 और 10 के नोट मिल रहे हैं। एटीएम से भी सिर्फ 2000 का नोट निकल रहा है। इस नोट को बाजार में चलाने में दिक्कत आ रही है। नोटबंदी के बाद कुछ दिनों में हालात सामान्य होने की जो उम्मीद लगाई जा रही थी वह कम से कम इस जिले में फिलहाल नहीं दिख रही है। ग्रामीण अंचलों में लोग भारी परेशानी में आ गए हैं। वहां बैंकों में कैश की किल्लत है और भुगतान सीमित हो रहा है। 
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हर अभिभावक इस महीने दबाव में
पहाड़ के स्कूलों में जनवरी में शीतकालीन अवकाश हो जाता है। इस कारण सभी स्कूल दिसंबर और जनवरी की फीस एक साथ लेते हैं। फीस जमा करने की अंतिम तिथि अधिकांश स्कूलों में 10 या 15 तक ही रहती है। यदि किसी के दो बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले हैं तो उनके लिए दो महीने की फीस जमा करना भारी पड़ रहा है। बैंकों से काउंटर से अधिकतम छह हजार रुपए ही मिल रहे हैं।

मंगलवार तक कैश नहीं आया तो बिगड़ेगी स्थिति
यदि बैंकों में मंगलवार को बैंक खुलने के दिन तक कैश नहीं पहुंचता तो हालात खराब होने की आशंका है। एक तरफ लोगों का दबाव और दूसरी तरफ बैंक में कैश न होने पर स्थिति संभालना कठिन हो सकता है। हर व्यक्ति को इस समय पैसे की जरूरत है, लेकिन बैंक लोगों की जरूरत के मुताबिक पैसा दे पाने की स्थिति में नहीं हैं।
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