डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नंदा महोत्सव के चौथे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हिलजात्रा की धूम रही। अजेड़ा की हिलजात्रा और हिरन-चित्तल की प्रस्तुति महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा।
मंगलवार को चौथे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ एलआईसी के शाखा प्रबंधक हेमचंद्र कसनियाल और पीएस पांगती ने किया। अजेड़ा के कलाकारों ने हिलजात्रा का मंचन किया।
कलाकारों ने बैलों की जोड़ी, हिरन-चीतल का मनमोहक प्रदर्शन कर लोक संस्कृति और परंपराओं के रंग बिखेरे। इसके बाद पमस्यारी, अजेड़ा, जोहार सामाजिक व सांस्कृतिक समिति, ग्लोरियल इंटर कॉलेज, नारायण नगर, चौबाटी और हिमालय सेफ्रॉन टीम ने झोड़ा-चांचरी का गायन कर महोत्सव में चार चांद लगाए।
सांस्कृतिक दलों ने बागेश्वर की छोरी छनुली, सिलगड़ी का पाला चाला देवुली साली, छलकाया ताला रेश्मी रुमाला आदि कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इन गीतों पर दर्शक जमकर थिरके। दिन भर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। यहां गिरवर नेगी, जगजीवन कन्याल, राकेश खड़ायत, दीपक मनौला आदि थे।