मोस्टामानू मंदिर में देवडांगरों का आशीर्वाद लेने को उमड़े लोग
- फोटो : विपिन गुप्ता
ऐतिहासिक मोस्टामानू मेले में निकले भगवान मोस्टामानू के डोले के दीदार के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। भगवान के डोले के साथ निकले देव डांगरों से आशीर्वाद लेने के लिए लोगों में होड़ लग गई। मेला आस्था के बीच रोमांच का अनुभव करा गया। चंडाक स्थित भगवान मोस्टामानू के प्राचीन मंदिर में हर साल साल ऋषि पंचमी के दिन मेला लगता है। केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा, वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने भी भगवान मोस्टामानू का आशीर्वाद लिया।
शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे डोला जैसे ही मंदिर परिसर पहुंचा तो लोग भगवान मोस्टामानू की जयजयकार करने लगे। डोले और देवडांगरों पर पुष्पवर्षा होने लगी। मंदिर की परिक्रमा के पश्चात मंदिर परिसर पर बनी धूनी में देव डांगरों का दरबार सजा। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच देवडांगर अवतरित हुए। भक्तों ने देवडांगरों से आशीर्वाद लिया। कई लोगों ने देवडांगरों के सामने फरियाद की और देवडांगरों ने उपाय बताए। भगवान मोस्टामानू का डोला गौड़ियागांव के खुक्देव नामक स्थान से निकलता है। डोले को जयकारों के बीच मंदिर में लाया जाता है।
मोस्टामानू का मेला प्राचीन समय से ही प्रसिद्ध रहा है। मेले में शिरकत के लिए जिलेभर से लोग पहुंचते हैं। शनिवार को भी सुबह से लोगों का मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर 12 बजे तक मंदिर परिसर खचाखच भर गया। मेले में करीब 20,000 लोगों के आने का अनुमान है। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन स्थल से करीब तीन किमी पहले ही वाहनों को रोक दिया गया। यहां से लोगों को पैदल जाना पड़ा। ऐसा हर साल होता है। चंडाक से पहले ही वाहनों का प्रवेश रोकना पड़ता है। अंदर केवल पुलिस, प्रशासन, आयोजन समिति, वीआईपी के वाहन जा पाते हैं। मेले में सुरक्षा व्यवस्था चौकस थी। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी, पुलिस उपाधीक्षक शेखर सुयाल ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।