धारचूला (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा में बाहरी टैक्सियों के संचालन और प्राइवेट वाहनों से यात्रियों को ढोने पर स्थानीय लोगों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। धारचूला में स्थानीय टैक्सी यूनियन, होम स्टे और होटल संचालकों की बैठक में इस पर गहरा रोष जताते हुए 11 मई को टैक्सी संचालन बंद करने निर्णय लिया गया।
बुधवार को आदि कैलाश टैक्सी ऑनर्स यूनियन की अपील पर धारचूला डाक बंगला में हुई बैठक में इस मामले पर विचार किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देशभर में विशेष तीर्थ स्थलों पर यात्रा के लिए स्थानीय यूनियनों को कुछ विशेष अधिकार दिए जाते हैं। आरोप लगाया कि वर्षों से आदि कैलाश यात्रा सहित अन्य अवसरों पर अपनी सेवाएं दे रहे स्थानीय टैक्सी यूनियन को पुलिस प्रशासन की ओर से हतोत्साहित किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में बाहरी टैक्सी और प्राइवेट वाहनों से यात्रियों को ले जाने से स्थानीय लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। निर्णय लिया गया कि स्थानीय वाहनों से आदि कैलाश, ओम पर्वत और पंचाचूली की यात्रा संचालित करने की उनकी मांग नहीं माने जाने पर 11 मई को टैक्सी संचालन बंद रखा जाएगा। व्यापार संघ से बाजार बंद रखने का भी आग्रह किया गया।
इसके अलावा चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन की ओर से मामले में आवश्यक सहयोग नहीं किया गया तो सीमांत के होम स्टे में बाहरी टूर ऑपरेटरों और संचालकों को रहने की जगह नहीं देने की मुहिम चलाई जाएगी। इस मामले में स्थानीय विधायक, ब्लॉक प्रमुख, नगर पालिका और व्यापार संघ से संरक्षण और सहयोग मांगा जाएगा। बैठक में टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष प्रवेश सिंह नबियाल सहित अनेक वाहन स्वामी, अन्य संगठनों और टूर संचालन से जुड़े लोग मौजूद रहे। संवाद