दो जुलाई को आई आपदा से टांगा गांव खतरे की जद में आ गया है। गांव के ठीक नीचे स्थित अंधेरीघाट नदी से घरों के नीचे की जमीन कट रही है। इससे गांव के 54 मकानों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। गांव के अधिकतर पुल और रास्ते बहने से ग्रामीणों को खतरनाक मार्गों से आवाजाही करनी पड़ रही है।
आपदा से पहले हिमालया हाइड्रो प्रोजेक्ट के कारण टांगा क्षेत्र में चहल-पहल रहती थी। अब यहां सन्नाटा पसरा है। गांवों में पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो चुकी हैं। मोतीघाट में पुल बहने से लोधियाबगड़ के 12 बच्चे 19 दिनों से स्कूल नहीं जा पाए हैं।
भिकचरिया एवं मोतीघाट के बीच भिकुरिया नदी में तार लगाकर जान हथेली में रखकर आवाजाही हो रही है। नदी से लगातार कटाव होने के कारण टांगा और लोदीबगड़ को मोतीगाड़ से खतरा बना है। प्रशासन के नाम पर अब तक यहां केवल राजस्व उपनिरीक्षक ने भ्रमण किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
अनुश्रवण समिति ने किया गांवों का दौरा
मदकोट। भाजपा की आपदा अनुश्रवण समिति ने शुक्रवार को टांगा, दानीबगड़, भिकुरिया, बिन्दी, लोदीबगड़, लोदी, सेराघाट का दौरा किया। आपदा प्रभावितों ने समिति पदाधिकारियों को समस्याएं बताईं। इस दौरान भाजपा अनुश्रवण समिति के चेयरमैन जगत मर्तोलिया, मंडल महामंत्री उत्तम गोस्वामी, रि.सूबेदार धर्म सिंह परिहार, दुर्गा सिंह कोरंगा, रुद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह, प्रधान टांगा बसंती देवी, महिमन सिंह सेनरी, कल्याण सिंह, सुंदर सिंह, जोगा वर्मा आदि शामिल थे।
एसडीएम पहुंचे डोगरी और नार्की गांव
मदकोट। बंगापानी क्षेत्र के आपदा प्रभावित गांवों का धारचूला के एसडीएम आरके पांडेय ने भ्रमण किया। एसडीएम ने डोगरी, नार्की, वेगा सहित अन्य आपदा प्रभावित गांवों में हुई क्षति का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संस्थान, लोनिवि सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त योजनाओं का शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों को भी क्षति का भुगतान शीघ्र करने का भी आश्वासन दिया।