पिथौरागढ़ नैनीसैनी हवाई पट्टी में खड़ा विमान
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पिथौरागढ़ जिले के नैनीसैनी हवाई पट्टी से अक्तूबर से नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी। विमान सेवा शुरू होने से सीमांत के लोगों को मैदानी क्षेत्रों में पहुंचने के लिए बदहाल सड़कों पर 15 से 19 घंटे तक धक्के खाने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। यहां से नौ से 42 सीटर तक के विमान आसानी से उड़ान भर सकेंगे। साथ ही एक घंटे का किराया करीब 2500 रुपये आएगा।
चीन और नेपाल की सीमाओं से लगे पिथौरागढ़ के नैनीसैनी में हवाई पट्टी वर्ष 1991 में बनकर तैयार हो गई थी। नियमित व्यावसायिक उड़ानों के लिए किए गए ट्रायल में हवाई पट्टी छोटी पड़ने पर 64.91 करोड़ रुपये की लागत से इसका विस्तार कर 1600 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बनाया गया। इसके बाद नवंबर 2015 में इस हवाई पट्टी पर नौ सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग कराते हुए 26 जनवरी 2016 से नियमित उड़ानें शुरू करने को लेकर प्रदेश सरकार ने कवायद शुरू की। सरकार की मंशा पहले 10 सीटर एवं 22 सीटर विमान सेवा शुरू करने और अधिक यात्री होने पर 42 सीटर विमान चलाने की थी।
सरकार की इस कवायद से सीमांत के लोगों को यहां से पंतनगर और दिल्ली के लिए सीधे हवाई सेवा मिलने की उम्मीद जगी। पर यहां कुछ कमियों के चलते उड़ान शुरू नहीं हो सकी। वित्त मंत्री प्रकाश पंत के अनुसार हेरिटेज एविएशन ने जो आपत्तियां लगाई गई थी, उनमें से लाइट, पार्किंग सहित अधिकतर कमियों को दूर किया जा चुका है। अंडरग्राउंड मार्ग का काम तेजी से चल रहा है। जुलाई में इस काम को पूरा होना था। निर्धारित अवधि तक काम पूरा नहीं होने से अवधि बढ़ाई गई है। इस कार्य के पूरा होते ही अक्तूबर से नैनीसैनी से नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
2500 रुपये में कर सकेंगे एक घंटे की यात्रा
सड़क मार्ग से पिथौरागढ़ से देहरादून और दिल्ली की दूरी 500 किमी से अधिक है। बस से यात्रा करने में 18 से 19 घंटे लग जाते हैं। किराया और मार्ग पर होने वाले अन्य व्यय लगाकर 1200 से 1500 रुपये का खर्चा आता है, जबकि हवाई यात्रा शुरू होने पर एक हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करके यह यात्रा एक घंटे में पूरी हो जाएगी।
हिंडन एयरपोर्ट होते हुए जाएंगे दिल्ली
नैनीसैनी हवाई पट्टी से विमान पंतनगर, देहरादून और दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। सिविल एविएशन ने यात्रा रूट तैयार कर लिया है। पंतनगर और देहरादून के लिए विमानों का सीधा संचालन होगा, जबकि दिल्ली के लिए गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से होकर विमान संचालित होंगे। हवाई सेवा शुरू होने से पर्यटन की गतिविधियां बढ़ेंगी और आपदा सहित अन्य कई आपातकालीन स्थितियों में लोगों को फायदा मिल सकेगा।
-प्रकाश पंत, वित्त मंत्री