तवाघाट में सड़क खुलने के बाद आवाजाही करते वाहन। संवाद
धारचूला /पिथौरागढ़। टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख सड़क तवाघाट के समीप भारी बोल्डर और मलबा आने से बंद हो गई। सड़क बंद होने से कैलाश मानसरोवर यात्रियों सहित स्थानीय तीनों घाटियों के लोग फंसे रहे। छह घंटे बाद बीआरओ ने सड़क खोलकर यातायात सुचारु किया।
तवाघाट के समीप विशालकाय बोल्डर और मलबा आने से रविवार सुबह से यातायात ठप रहा। इससे लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। कुछ लोग पैदल बोल्डरों के ऊपर से चलकर अन्य वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना हुए। इसके साथ ही दारमा घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट- सोबला- ढाकर सड़क छिरकिला डैम के पास बोल्डर आने से बंद हो गई। दोनों सड़कें बंद होने से दारमा, चौदास और व्यास घाटी का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा रहा। सड़क बंद होने से कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्री छह घंटे फंसे रहे।
सड़क बंद होने की सूचना मिलने पर एसडीएम जितेंद्र वर्मा, बीआरओ के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह और हिलवेज कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मशीनों की मदद से भारी-भरकम बोल्डर और मलबा हटाया गया। इसके बाद यातायात सुचारु हुआ। धारचूला के एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि सड़क दोपहर 12.30 बजे खुली। कैलाश मानसरोवर यात्रियों का दल दो बजे बाद धारचूला से गुंजी के लिए रवाना हुआ। बीती रात से बंद दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क भी वाहनों के लिए खोल दी गई है। यातायात सुचारु होने से सभी ने राहत की सांस ली है।