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नाचनी में लीजिए चायना की रेड कैबेज का स्वाद

Fri, 15 Apr 2016 10:15 PM IST
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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रेड कैबेज - फोटो : अमर उजाला
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कर्म का फल मिलता ही है। इस बात को कर्मशील लोगों ने बार-बार साबित किया है। ऐसी ही कर्मशीलता के दर्शन जिला मुख्यालय से 65 किमी की दूरी पर मुनस्यारी रोड से लगे भैंसखाल (नाचनी) ग्राम पंचायत के आमधार गांव में हुए। वहां प्रगतिशील किसान हीरा सिंह दानू चायनीज प्रजाति की रेड कैबेज (लाल पत्ता गोभी) का उत्पादन कर रहे हैं। रेड कैबेज को खून बढ़ाने में कारगर माना जाता है। रेड कैबेज का उपयोग भोजन, सलाद सजाने में किया जाता है।
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इलाके के प्रगतिशील किसानों में शुमार आईटीबीपी के रिटायर्ड इंस्पेक्टर हीरा सिंह दानू बताते हैं कि एक साल पहले टीवी पर रेड कैबेज पर आधारित प्रोग्राम देखा। उन्होंने चंडीगढ़ से रेड कैबेज का 10 ग्राम बीज मंगाया। बीज की कीमत 70,000 रुपये किलो है। सितंबर में 5 ग्राम बीज से पौध तैयार किए। 90 दिन में गोभी तैयार हो गई। बताते हैं जाड़ों की इस सब्जी को घाटी वाले इलाकों में अगस्त, सितंबर में रोपनी चाहिए। दिसंबर, जनवरी में रेड कैबेज तैयार हो जाती है। बताते हैं कि 5 ग्राम बीज में दो क्विंटल से अधिक गोभी पैदा हुई है।

डेढ़ क्विंटल वह बेच चुके हैं। 70-80 किलो रेड कैबेज खेत में है। 25-30 रुपया किलो रेट मिल रहा है, जबकि महानगरों में 250 रुपये किलो तक रेड कैबेज बिकती है। रेड कैबेज को सब्जी उत्पादन का बढ़ा जरिया बताते हुए दानू कहते हैं कि सरकार को इसके लिए बाजार उपलब्ध कराना होगा।
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पनीर डाल दिया तो फिर क्या कहने
हीरा सिंह दानू रेड कैबेज से सब्जी और सलाद बनाने की विधि बताते हुए कहते हैं कि आम गोभी की तरह ही इसकी सब्जी बनाई जा सकती है। गोभी की सब्जी बनाने के बाद उसमें पनीर को मिक्सी में बारीक कर डाल दें तो लाजवाब स्वाद मिलता है। बताते हैं कि रेड कैबेज की सब्जी लोहे की कड़ाई में नहीं बनानी चाहिए। इससे गोभी का नेचुरल कलर समाप्त हो जाता है। सब्जी में हल्दी नहीं डालने की सलाह भी देते हैं। बताते हैं बारीक काटकर ऊपर से काला नमक और नीबू मिलाकर शानदार सलाद तैयार किया जा सकता है।

भाई दो कदम आगे, उगा डाला रुद्राक्ष
आईटीबीपी के रिटायर्ड कर्मवीर हीरा सिंह दानू का छोटा भाई उनसे दो कदम आगे है। राज्य सरकार से किसान भूषण पुरस्कार प्राप्त जीवन दानू ने रामगंगा घाटी क्षेत्र में भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष के पेड़ लगाने में कामयाबी हासिल की है। दानू के बाग में असम, नेपाल देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पैदा होने वाले रुद्राक्ष के दो पेड़ फल देने लगे हैं। वह बताते हैं कि रुद्राक्ष समुद्र तल से 1500 मीटर की ऊंचाई तक आसानी से पैदा हो रहा है।

रेड कैबेट की खूबियां
रेड कैबेट इंटरनेट पर सर्च करेंगे तो आपके सामने होंगी उसकी खूबियां। खून बढ़ाने में कारगर माने जाने वाले लाल बंदगोभी में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, विटामिन बी12, विटामिन बी6 पाया जाता है। चायनीज फास्टफूड में इसका बहुतायत में प्रयोग होता है।
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