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15 साल बाद बहुरेंगे मुनस्यारी डिग्री कॉलेज के दिन

Fri, 15 Apr 2016 10:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
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मुनस्यारी डिग्री कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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सीमांत के मुनस्यारी के डिग्री कॉलेज की व्यवस्थाएं 15 साल बाद पटरी पर आने की उम्मीद है। कॉलेज में नए शिक्षासत्र से स्नातकोत्तर स्तर पर हिंदी और इतिहास के साथ ही राजनीतिशास्त्र विषय की कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा स्नातक स्तर पर सात विषयों में नियमित पठन-पाठन होने लगेगा। शासन ने इस बार सात प्राध्यापकों की एक साथ तैनाती कर दी है।
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मुनस्यारी डिग्री कॉलेज की स्थापना 2001 में हुई थी। स्नातक स्तर पर सात विषयों के साथ शुरू हुए इस कॉलेज में पहले सिर्फ हिंदी और अर्थशास्त्र विषय के प्राध्यापक थे। बावजूद इसके सीमांत के इस कॉलेज में छात्रसंख्या लगातार बढ़ती गई और गरीबों को घर के नजदीक शिक्षा प्राप्ति की सुविधा मिलने लगी थी। इस बीच शासन ने कॉलेज में स्नातक स्तर पर भूगोल विषय की भी मंजूरी दे दी है। साथ ही सात प्राध्यापक तैनात कर दिए हैं। नए प्राध्यापकों की तैनाती और पीजी स्तर पर तीन विषयों की मंजूरी मिलने से अब सीमांत में भी उच्च शिक्षा का माहौल बनने लगेगा। प्रभारी प्राचार्य डा. डीएस पांगती का कहना है कि अब कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार आने लगा है। नए शिक्षासत्र से विद्यार्थियों को शिक्षा का बेहतरीन माहौल मिल जाएगा। 

भवन निर्माण के लिए धन मंजूर
डिग्री कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डा. डीएस पांगती ने बताया कि मुनस्यारी कॉलेज भवन के लिए जीआईसी की 66 नाली जमीन हस्तांतरित हो चुकी है। भवन के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा विकास निधि से 1.99 करोड़ और उत्तराखंड शासन से 2.20 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हो चुकी है। भवन निर्माण का काम जल्दी शुरू हो जाएगा। वर्ष 2001 से यह कॉलेज जीआईसी में ही चल रहा है। अपना भवन बनने पर कॉलेज में पुस्तकालय, कंप्यूटर आदि की सुविधा भी मिलने लगेगी। डा. पांगती ने कहा कि सीमांत के इस कॉलेज की व्यवस्थाएं सुचारु बनाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय लगातार ध्यान दे रहा है।
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