ग्राहकों से पेन कार्ड लेने की अनिवार्यता किए जाने से गुस्साए सर्राफा व्यापारियों ने शुक्रवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में यह प्रावधान रखा है कि यदि कोई व्यक्ति एक लाख या इससे अधिक राशि के जेवरात खरीदता है तो उससे पेनकार्ड की कापी दुकानदार को लेनी होगी। सरकार ग्राहक पर टैक्स लगा सकती है। व्यापारियों का मानना है कि इस तरह की बाध्यता से व्यवसाय पर असर पड़ेगा।
स्वर्णकार समिति के अध्यक्ष हरीश लाल वर्मा ने कहा कि यह नियम ग्राहक और दुकानदार दोनों को परेशानी में डालने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी देश में करोड़ों लोगों के पेन कार्ड नहीं बने हैं। उन्होंने इस बाध्यता को व्यापारियों और ग्राहकों की निजता का हनन करार दिया और तत्काल फैसला वापस लेने की मांग की। बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में दीपक वर्मा, मुकुल वर्मा, देवेंद्र लाल वर्मा, पवन वर्मा, जितेंद्र वर्मा, अभय वर्मा, ललित वर्मा, बसंत वर्मा, रामू वर्मा, महेश वर्मा, रजत वर्मा, संदीप वर्मा, सोनू वर्मा, गजेंद्र वर्मा आदि थे।
चंपावत में स्वर्णकार संघ ने वित्त मंत्रालय की ओर से सोने की खरीदारी पर ग्राहकों से पैन कार्ड उपलब्ध कराने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को विरोध जताया। चंपावत जिला मुख्यालय में देवी लाल वर्मा के नेतृत्व में स्वर्णकारों ने दोपहर तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जबकि लोहाघाट समेत बाराकोट, खेतीखान, पाटी, बर्दाखान, देवीधुरा, भिंगराड़ा, रीठासाहिब, पुलहिंडोला, दिगालीचौड़ आदि स्थानों में स्वर्णकारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर लोहाघाट में प्रदर्शन कर एसडीएम परितोष वर्मा को ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस काले कानून को तत्काल समाप्त किए जाने की मांग उठाई गई।
स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष प्रकाश वर्मा, विपिन वर्मा, गोविंद वर्मा, राजेंद्र वर्मा, महेश वर्मा, किरन वर्मा, नल्लू वर्मा के नेतृत्व में स्वर्णकारों ने कचहरी परिसर में जमकर प्रदर्शन किया, जिसमें गौरव वर्मा, मदन वर्मा, विशाल वर्मा, देवलाल वर्मा, गीता वर्मा, विवेक वर्मा, प्रमोद वर्मा, सोनू वर्मा, नरेश वर्मा समेत तमाम लोग शामिल रहे।