आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और तीन साल से लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की मांग की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने काम का बोझ कम करने की मांग भी उठाई है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिलाध्यक्ष दीपा पांडे के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पहुंची कार्यकत्रियों का कहना है कि उनको छोटे बच्चों की शिक्षा, जन्म मृत्यु का विवरण रखने, टीकाकरण, वजन पखवाड़ा, जनगणना, टेक होम राशन का वितरण जैसी जिम्मेदारियां दी गई हैं। विभाग के अधिकारी इन कामों की रिपोर्ट समय पर देने के लिए दबाव बनाते रहते हैं। जबकि विषम भौगोलिक स्थिति में ऐसा संभव नहीं है। कहा कि जिन प्राथमिक स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं वहां पर प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तो अपने विद्यालय में पंजीकृत करा देते हैं लेकिन देखरेख के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में बिठा देते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में मुख्य सेविका पद पर प्रमोशन के लिए 2012 में आवेदन मांगे गए थे लेकिन अब तक प्रमोशन की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। इस मामले की जांच की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से बाल विकास परियोजना निदेशक को ज्ञापन भेजा गया। प्रदर्शन में पार्वती देवी, हीरा भट्ट, निर्मला चंद, उर्मिला पांडे, मंजू लोहिया, भागीरथी भट्ट, जानकी चंद आदि थे।