पिथौरागढ़। नगर में बढ़ती आबादी के लिहाज से भविष्य में पुरानी योजनाओं से मिलने वाला पानी कम पड़ सकता है। ऐसे में जल निगम अब तक पुरानी योजनाओं से प्यास बुझा रहे नगर के आसपास के गांवों के लिए नई योजना धरातल पर उतारेगा। पुरानी योजना से नगर क्षेत्र में जलापूर्ति होगी और नई योजना नगर से लगे 11 गांवों और कस्बों के लोगों की प्यास बुझाएगी। इसके लिए पिथौरागढ़-थल सड़क पर सुवालेख के पास बहने वाली गाड़ में 25 करोड़ से नई लिफ्ट योजना बनेगी।
नगर सहित इससे लगे गांवों और कस्बों की डेढ़ लाख से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए आंवलाघाट, घाट और ठूलीगाड़ पेयजल योजनाओं को धरातल पर उतारा गया है। इन योजनाओं से हर रोज 12 एमएलडी पानी पहुंचता है जबकि हर रोज 16 एमएलडी पानी की जरूरत है।
जल निगम के मुताबिक अब तक आंवलाघाट, घाट, ठूलीगाड़ के साथ ही अन्य स्थानीय पेयजल योजनाओं से नैनीसैनी, देवलालगांव, ओड़माथा, सुजई, गैठना, सल्मोड़ा, सातसिलिंग, बीसाबजेड़, जीबी, उर्ग और पंडा क्षेत्र में जलापूर्ति हो रही है।
अब इन गांवों और कस्बों के लिए सुवालेख गाड़ से 25 करोड़ की नई लिफ्ट पेयजल योजना बनेगी इसका सर्वे पूरा कर डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। नई योजना से 70 लाख लीटर यानि सात एमएलडी पानी हर रोज इन गांवों और कस्बों में पहुंचेगा। पुरानी योजनाओं से नगर क्षेत्र के लोगों और नई योजना से गांवों और कस्बों के लोगों को पर्याप्त पानी मिलेगा और जल संकट से मुक्ति मिलेगी।
जल निगम के ईई रंजीत धर्मशक्तू का कहना है कि नगर और इससे लगे गांवों और कस्बों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए सुवालेख से नई लिफ्ट पेयजल योजना बनाने की तैयारी है। नई योजना बनने से पुरानी योजनाओं पर दबाव कम होगा। सर्वे पूरा कर इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है।
30 साल तक नहीं होगी पानी की दिक्कत
पिथौरागढ़। जल निगम ने नगर और इससे लगे गांवों और कस्बों में बढ़ती आबादी को देखते हुए अगले 30 साल पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू किया है। जल निगम के मुताबिक सुवालेख से नई लिफ्ट योजना बनने के बाद नगर और कस्बों, गांवों में अगले 30 साल तक पानी की कोई दिक्कत नहीं होगी।
11 किमी लंबी होगी योजना
पिथौरागढ़। जल निगम के मुताबिक सुवालेख गाड़ में लिफ्ट पेयजल योजना बनेगी जो 11 किमी लंबी होगी। भौड़ी में पहला और सातसिलिंग में दूसरा टैंक बनेगा। दो फेज में सुवालेख से नगर से लगे गांवों और कस्बों में पानी पहुंचेगा।
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