सालों से धारचूला, मुनस्यारी और डीडीहाट के कई गांवों के बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं हर रोज खतरे के बीच गरारी से नदियों को पार करते हैं। अब लोनिवि लोगों की इस गंभीर समस्या का समाधान करेगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है। डीडीहाट, धारचूला में नदियों में स्थापित गरारी की जगह अब झूलापुल बनेंगे, इसकी डीपीआर जल्द तैयार होगी।
सीमांत जिले में उफनाई नदियों, गाड़-गधेरों को जान जोखिम में डालकर गरारी से पार करना आम बात है। खतरा इतना अधिक है कि हल्की सी चूक भी जान पर भारी पड़ सकती है। सालों से लोग गरारी की जगह पुल बनाने की मांग कर रहे थे, इसे लोनिवि ने गंभीरता से लिया है। डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मनकोट के पास गोरी नदी में स्थापित गरारी के पास 140 मीटर, घट्टाबगड़ के पास 110 मीटर का झूलापुल बनेगा। वहीं धारचूला के चल गांव में धौलीगंगा में 110, कोकलखेत में 120 मीटर का झूलापुल अस्तित्व में आएगा। लोनिवि के मुताबिक झूलापुलों की डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर बजट की मांग की जाएगी।
नदियों पर स्थापित गरारी की जगह झूलापुल बनेंगे। डीडीहाट और धारचूला विधानसभा में नदियों, नालों पर पांच झूलापुलों की डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर तैयार करने के बाद बजट की मांग की जाएगी।
- संजीव राठी, ईई, लोनिवि, अस्कोट।