पिथौरागढ़। राजकीय प्राथमिक विद्यालय जारा जिबली में शिक्षक नहीं होने से छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। इसके बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है।
विद्यालय में एक शिक्षक के भरोसे 32 बच्चों का भविष्य है। शिक्षक की कमी के कारण बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। इससे 51 छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालय में अब केवल 32 ही छात्र-छात्राएं हैं। जुलाई 2023 में नई नियुक्त नहीं होने से अध्यापक उमेद सिंह बिष्ट को व्यवस्था में गांव के दूसरे विद्यालय बाननी भेजा गया। अभिभावकों के विरोध करने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जल्दी नए शिक्षक की नियुक्त करने का आश्वासन दिया। एक साल बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई नई नियुक्ति नहीं हो पाई। ग्राम प्रधान संजीव बिष्ट और क्षेत्र पंचायत सदस्य जयंती देवी का कहना है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय जारा जिबली में सबसे अधिक छात्र संख्या है। इसके बाद भी यहां शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। शिक्षक की मांग को लेकर अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से भी कई बार मुलाकात की हैं। उन्होंने जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संवाद