कनालीछीना (पिथौरागढ़)। नेपाल सीमा को जोड़ने वाली कनालीछीना-पीपली-तल्लाबगड़ सड़क डामरीकरण के बाद भी बदहाल है। सड़क पर तीन माह पूर्व किया गया डामर उखड़ गया है। डामर उखड़ने के बाद कंकड़ों में रपटकर दोपहिया दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इसके बाद भी सड़क को ठीक नहीं किया जा रहा है।
नेपाल सीमा को जोड़ने वाली कनालीछीना-पीपली सड़क की बदहाली से 15 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। यह सड़क नेपाल सीमा के साथ ही 50 से अधिक गांवों को जोड़ती है। इस सड़क पर वाहनों की काफी आवाजाही है। तीन माह पूर्व इस सड़क का कई स्थानों पर डामरीकरण का कार्य किया गया था, लेकिन खराब गुणवत्ता की वजह से डामर उखड़ गया है। जगह-जगह जमा रोड़े और कंक्रीट में दोपहिया वाहन रपट रहे हैं। इससे परेशान लोगों ने लोनिवि अस्कोट से शीघ्र सड़क ठीक करने की मांग की है।
इन गांवों को जोड़ती है सड़क
सिमुथल, समतड़ा, सन्न, डुंगरी, मिताड़ीगांव, सांगड़ी, छड़नदेव, मातोली, बचकोट, पीपखी, द्वालीसेरा, द्यौड़ा, रणवा, अमतड़ी सहित कई अन्य गांव।
कोट
सड़क का सितंबर में निरीक्षण किया था। पालाग्रस्त स्थानों पर डामर उखड़ा है। ठेकेदार को सड़क ठीक करने के निर्देश दिए हैं। मौसम ठीक होते ही सड़क को ठीक कर लिया जाएगा। - एबी कांडपाल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़।
फोटो विवरण-01पीटीएच 17पी- इस तरह उखड़ गया है नेपाल सीमा को जोड़ने वाली कनालीछीना-पीपली सड़क का डामर। स्रोत: जागरूक पाठक