सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उपमहानिरीक्षक पीएस मेहरा ने कहा है कि उनका बल नेपाल सीमा से सटे गांवों में हेलीपैड का निर्माण करेगी। इन हेलीपैड को इस तरह बनाया जाएगा कि उसके एक हिस्से को खेल के मैदान के रूप में उपयोग में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि हेलीपैड तैयार करने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
मंगलवार को यहां हुई भारत और नेपाल के सुरक्षाबलों के अधिकारियों की बैठक में मानव तस्करी को गंभीर समस्या बताते हुए कहा गया कि इसके लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना होगा। मानव तस्करी का खतरा मुख्य रूप से छोटे बच्चों और मजबूर महिलाओं पर ज्यादा रहता है। नेपाल में इस तरह की समस्या कुछ ज्यादा है। डीआईजी ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में एसएसबी इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तरह सजग है। नेपाल के अधिकारियों से भी अपेक्षा की गई कि वह अपनी ओर से भी इस दिशा में ठोस पहल करें। नेपाल सशस्त्र सेना बल के डीएसपी सुशील राठौर ने कहा कि उनके देश में भी मानव तस्करी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे लोगों को कड़ी सजा का प्रावधान है। नेपाल नागरिक पुलिस बल के डीएसपी सीबी भट्ट ने कहा कि सीमा पर अपराध नियंत्रण की पूरी कोशिश की जाती है। अपराधियों पर कड़ा शिकंजा कसा गया है। बाद में नेपाल सशस्त्र बल के अधिकारियों ने बल की ओर से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए किए गए कामों की जानकारी दी। नेपाल में सैकड़ों परिवारों की आजीविका इन कार्यक्रमों से चलती है। इनमें ऊनी कपड़े तैयार करना, लकड़ी और रिंगाल के बर्तन बनाना आदि शामिल है। डीआईजी ने इस तरह के प्रयास की सराहना की। इस मौके पर एसएसबी के कमांडेंट राजेश ठाकुर, एसडीएम पारितोष वर्मा, डीएसपी हिमांशु साह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।