सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का सबसे बड़ा रॉफ्टिंग अभियान शुक्रवार से शुरू हो गया। जौलजीबी में एसएसबी सीमांत मुख्यालय रानीखेत के महानिरीक्षक श्याम सिंह और रिटायर्ड महानिरीक्षक एचसी खर्कवाल ने जौलजीबी से अभियान दल को हरी झंडी दिखाई। अभियान दल का नेतृत्व एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी ज्ञान चंद कर रहे हैं। उनके साथ पांच अधिकारी और 65 जवान इस अभियान का हिस्सा हैं। कुल सात रॉफ्टरों से यह अभियान शुरू किया गया है।
एसएसबी के आईजी श्याम सिंह ने बताया कि यह अभियान दल उत्तराखंड, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड से होकर निकलेगा। इस दौरान अभियान दल के सदस्य नौ नदियों में रॉफ्टिंग और नौकायन करेंगे। उन्होंने बताया कि अभियान दल के सदस्य नदियों की सफाई करेंगे और नदियों के प्रवाह की स्थिति का अध्ययन भी। इतना ही नहीं नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षा के प्रति सजग किया जाएगा।
अभियान दल के सदस्य शुक्रवार शाम जौलजीबी से झूलाघाट पहुंचे। शनिवार को दल के सदस्य पंचेश्वर पहुंचेंगे। अभियान का समापन 25 अक्तूबर को गंगासागर में होगा। जौलजीबी से गंगासागर तक की दूरी 2273 किलोमीटर है। अभियान में शामिल जवानों और अधिकारियों को तमाम टिप्स दिए गए। उनको नदी में नौकायन और राफ्टिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की जानकारी दी गई। अभियान दल के सदस्य जौलजीबी से बनबसा तक राफ्टर से सफर करेंगे। उससे आगे का सफर नावों से किया जाएगा।
उद्घाटन अवसर पर एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट विनोद तलवार, संजय रावत, डा. राजेश कुमार, जितेंद्र जोशी, क्षेत्र संगठक एएस पंवार, बीएसएफ के डीआईजी बीएस टोलिया, नेपाल पुलिस के अधिकारी बीडी पंत, धारचूला के एसडीएम पारितोष वर्मा, सीओ हिमांशु साह, प्रफुल्ल चंद, समाजसेवी लीला बनग्याल, संदीक्षा संस्था की संतोष कुंवर समेत भारी संख्या में लोग थे। जौलजीबी में अभियान शुरू होने से पहले सफाई अभियान चलाया गया।