पिथौरागढ़/मुनस्यारी/धारचूला। पिछले 24 घंटे में निचले इलाकों में बारिश और ऊंची चोटियों में बर्फबारी से सीमांत इलाके में लोग ठिठुर कर रह गए हैं। हालांकि रविवार को दोपहर में धूप निकली तो कुछ राहत जरूर मिली। कालामुनि से लेकर मुनस्यारी तक बर्फ जमी होने के कारण यातायात संचालन प्रभावित हुआ। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
शनिवार दोपहर से शुरू हुई हल्की बारिश का क्रम 24 घंटे तक जारी रहा। निचले इलाकों में रातभर बारिश और ऊंची चोटियों में हिमपात हुआ। रविवार सुबह जिला मुख्यालय सहित डीडीहाट, धारचूला, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग समेत कई स्थानों पर बारिश हुई जबकि मुनस्यारी के खलियाटॉप और कालामुनि सहित कई क्षेत्रों में हिमपात भी हुआ। थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग पर रातापानी, कालामुनि, बेटुलीधार, बलांती के बीच काफी बर्फबारी होने से वाहनों का संचालन प्रभावित रहा। वाहनों की रुक-रुककर आवाजाही होने से लंबी कतार लगी रही। दिन में एक बजे बादल छंटने के बाद चटक धूप खिली।
इससे कड़ाके की ठंड से काफी राहत मिली। उधर धारचूला के व्यास और दारमा घाटियों में शनिवार रात और रविवार सुबह बर्फबारी हुई। गुंजी से कुटी तक एक से ढाई फुट तक बर्फ गिर चुकी है। सभी गांव बर्फ से लकदक हो गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र पिथौरागढ़ के मौसम विशेषज्ञ डॉ. चेतन भट्ट ने बताया कि इस समय पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश और हिमपात हो रहा है। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी को भी मध्यम बारिश हो सकती है। 11 जनवरी के बाद हल्के बादल रहेंगे।
बर्फ पिघलाकर कर रहे हैं पानी का इंतजाम
धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यास घाटी में पिछले 10 दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। भारत नेपाल सीमा में 11 वाहिनी एसएसबी के जवान और भारत चीन सीमा में सेना व आईटीबीपी के जवान माइनस 20 से 30 डिग्री में लगातार गश्त कर रहे हैं। अत्यधिक बर्फबारी से पानी जम जा रहा है। जवानों और स्थानीय सात गांवों के लोगों को बर्फ पिघलाकर पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। 11 वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप के निर्देश पर सीमा सुरक्षा में मुश्तैद जवान उच्च हिमालयी इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं। बर्फबारी और मौसम खराब होने से अत्यधिक ठंड से स्थानीय लोग अपने अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं। य सड़क का काम भी रुका हुआ है।
पिथौरागढ़ जिले में हुई बारिश
स्थान - वर्षा मिमी में
पिथौरागढ़ - 9.00 मिमी
गंगोलीहाट - 11.30 मिमी
बेरीनाग - 10.00 मिमी
डीडीहाट - 17.00 मिमी
मुनस्यारी - 4.00 मिमी
धारचूला - 3.20 मिमी
चंपावत में कहां, कितनी बारिश
बाराकोट-20 मिमी
चंपावत-19 मिमी
लोहाघाट-15 मिमी
पाटी-09 मिमी
ठंड से बचने के लिए हीटर और अंगीठी घेरे रहे लोग
चंपावत/लोहाघाट/बनबसा। जिला मुख्यालय और आसपास के स्थानों में रविवार सुबह से झमाझम बारिश हुई। बारिश के कारण ठंड बढ़ने से लोग दिनभर हीटर और अंगीठी को घेरे रहे। सुबह का तापमान अधिकतम नौ और न्यूनतम तीन डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बारिश से किसानों के चेहरे में खुशी है। उनका कहना है कि यह बारिश, गेहूं, आलू की फसल के लिए काफी अच्छी साबित होगी। सब्जी के लिए भी इस बारिश को अच्छा माना जा रहा है। बारिश के बाद बर्फ गिर जाती है तो गेहूं की उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। जलस्रोत भी रिचार्ज होंगे। जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने से गर्मी में भी लोगों को काफी राहत मिलेगी। बनबसा के प्रगतिशील किसान पुष्कर कापड़ी एवं बागान ठेकेदार जावेद खान ने बारिश को फायदेमंद बताया है। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों पर कीचड़ की समस्या हो रही है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्वांला में मलबा आने से बंद रहा राष्ट्रीय राजमार्ग
चंपावत। बारिश के कारण मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग स्वांला के पास करीब एक घंटे तक बाधित रहा। सुबह छह बजे के आसपास सड़क पर मलबा आने से यातायात बाधित रहा। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ही मलबा हटाया जा सका।