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Pithoragarh News: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी, निचले क्षेत्रों में बारिश

Thu, 01 Feb 2024 10:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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कालामुनि मंदिर में हुई बर्फबारी। संवाद
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। मुनस्यारी नगर में बर्फबारी होने से हिमनगरी का सौंदर्य निखर आया है। कालामुनि में अधिक बर्फबारी होने से थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया है। वाहन मदकोट-जौलजीबी होते हुए आवाजाही कर रहे हैं।
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बुधवार की रात जिले की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ जबकि पिथौरागढ़ सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई। बृहस्पतिवार की सुबह मुनस्यारी बर्फ से लकदक नजर आया। मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात और मुनस्यारी बाजार में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हिमनगरी में हिमपात से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इससे व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं।
बृहस्पतिवार को मुनस्यारी का अधिकतम तापमान सात डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फबारी और बारिश के बाद लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। थल-मुनस्यारी सड़क के बंद होने के बाद से बीआरओ लगातार सड़क को खोलने का प्रयास कर रहा है। मौसम खराब होने के कारण बीआरओ को भी बर्फ हटाने में दिक्कत आ रही है।
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इधर धारचूला, गंगोलीहाट, डीडीहाट, कनालीछीना और पिथौरागढ़ नगर क्षेत्र में बारिश के चलते ठंड काफी बढ़ गई है। सुबह से ही बूंदाबांदी के कारण कम ही लोग घरों से बाहर निकले। इससे बाजार में भी दिन भर सुनसानी छाई रही। व्यापारी भी ग्राहकों का इंतजार करते रहे। पिथौरागढ़ में दिनभर हल्की बारिश का क्रम जारी रहा। शाम तीन बजे बाद बादल छंटने पर धूप खिलने से थोड़ी राहत मिली लेकिन शाम ढलते ही एक बार फिर बादल छाने लगे थे।

धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र के पहाड़ भी बर्फ से लकदक
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा से सटे दारमा, व्यास और चौदास घाटी के कई गांवों में इस वर्ष की पहली बारिश के साथ हिमपात हुआ है। आदि कैलाश, ओम पर्वत और पंचाचूली में एक फुट से अधिक हिमपात हुआ है। व्यास, दारमा और चौदास घाटी के कई गांवों में बुधवार शाम से लगातार हल्की बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है। गुंजी निवासी नरेंद्र गुंज्याल और भूपेंद्र गुंज्याल ने बताया कि बुधवार शाम से हल्की बारिश के साथ बर्फबारी जारी है। इससे बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू गुंजी, नाबी और रोगकांग के ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्य में दिक्कत हो रही है।
भूपेंद्र गुंज्याल बताया कि वर्तमान समय में ग्राम कुटी के ग्रामीणो को छोड़कर अन्य ग्रामीण सड़क निर्माण कार्य और होटल व्यवसाय से जुड़े 100 से अधिक लोग गांव में ही निवास कर रहे हैं। चीन और नेपाल सीमा में सुरक्षा बलों के जवान भारी ठंड में भी मुस्तैदी से तैनात है। दारमा घाटी के होम स्टे संचालक पानू दताल ने बताया कि वर्तमान समय में दारमा घाटी में सुरक्षा बलों के ही जवान ही मौजूद हैं। सिर्खा निवासी राजेश सिंह ह्यांकी ने बताया कि चौदास घाटी के 14 गांवों में बुधवार देर रात से हल्की बर्फबारी हो रही है।

पिथौरागढ़ जिले में हुई बारिश मिमी में
पिथौरागढ़ 2.00
गंगोलीहाट 0.50
बेड़ीनाग - 0.50
डीडीहाट - 1.50
धारचूला - 1.40
मुनस्यारी - 7.50
बंगापानी - 7.00
तेजम - 7.40
देवलथल - 2.50
गणाई गंगोली - 0.05
कनालीछीना - 4.3

कहां कितना हिमपात हुआ
कालामुनी- एक फुट
खलियाटॉप- दो फुट
बेटुलीधार- एक फुट
नया बस्ती- छह इंच

शीतावकाश समाप्त होने के बाद शुरू हुई सर्दी
पिथौरागढ़। 31 जनवरी तक पिथौरागढ़ जिले के अधिकांश विद्यालयों में शीतावकाश था। पूरा जनवरी सूखा बीतने के कारण ठंड महसूस नहीं हुई। यहां तक कि दिन में तेज धूप खिलने से लोग सीमित गर्म कपड़ों का उपयोग कर रहे थे। पहली फरवरी को जब स्कूल खुले तो बर्फबारी और बारिश के चलते कड़ाके की ठंड शुरू हो गई। सुबह बच्चे बूंदाबांदी में भीगते ठिठुरते स्कूल पहुंचे। संवाद

सोरघाटी के लोग 2019 से कर रहे बर्फबारी का इंतजार
पिथौरागढ़। लंबे समय बाद मेहरबान हुए मौसम से सोरघाटी के लोग भी बर्फबारी की उम्मीद लगाए थे लेकिन मौसम मेहरबान नहीं हुआ। पांच साल पूर्व तक सोरघाटी की ऊंची चोटी चंडाक और थलकेदार में भी जमकर बर्फबारी होती थी। तापमान में गिरावट आने पर शहर भी बर्फ की चादर ओढ़ लेता था। सोरघाटी में वर्ष 2004 में नगर और आसपास के क्षेत्रों में काफी हिमपात हुआ था। उसके बाद 2014 में और फिर फरवरी 2019 में जमकर बर्फबारी हुई थी। तब से नगरवासी हिमपात का इंतजार कर रहे हैं। संवाद

चंपावत में बारिश ने बढ़ाई ठंड, किसानों को मिली राहत

संवाद न्यूज एजेंसी

चंपावत। जिले में 12 घंटे की हल्की बारिश से ठंड बढ़ गई है। जिले में करीब 58 दिन बाद आठ मिमी बारिश से अधिकतम तापमान में साढ़े पांच और न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। कृषि और उद्यान विभाग ने बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया है। बारिश से पेड़-पौधों को भी नया जीवन मिला है। साथ ही जंगल में लगने वाली आग की घटनाओं में भी कमी आएगी।
बारिश के कारण जिला मुख्यालय में जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बृहस्पतिवार सुबह सड़कें सूनी नजर आईं। चंपावत आपदा विभाग के अनुसार चंपावत में आठ मिमी, बनबसा में सात, लोहाघाट में एक और पाटी दो मिमी बारिश हुई है। नवंबर और दिसंबर 2023 में चंपावत जिले में दो मिमी और पाटी, लोहाघाट में एक-एक मिमी बारिश हुई थी।
बृहस्पतिवार को अधिकतम 11.5 और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री दर्ज किया गया जबकि बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम चार डिग्री था। जिले में करीब 33 हजार किसान हैं। इसमें कई ने मसूर, जौ, धान, आलू आदि की खेती की है लेकिन बारिश नहीं होने से फसल बर्बाद होने की कगार पर थी। इधर बारिश के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बेहद कम रही।

कोट

इस बारिश ने फसलों में थोड़ी जान फूंक दी है। बारिश से मसूर, जौ, धान, आलू आदि की फसलों को लाभ मिलेगा। बारिश नहीं होती तो फसलों को काफी नुकसान होता। - गोपाल सिंह भंडारी, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।



24 घंटे लगातार बारिश होने से शीतकालीन पौधे सेब, आडू, पूलम, खुमानी, नाशपाती आदि के रोपण में आसानी होगी। अगर थोड़ी और बारिश होती है तो खेती अच्छी होने की उम्मीद है। - टीएन पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।
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