धारचूला के दारमा घाटी के 11हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित ढाकर गांव में हुआ हिमपात। संवाद
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धारचूला/मुनस्यारी/पिथौरागढ़। मौसम ने बृहस्पतिवार को फिर करवट बदली। धारचूला दारमा और व्यास घाटी में छह इंच हिमपात हुआ। चीन सीमा से सटी अंतिम चौकियों में तापमान माइनस 11 डिग्री तक पहुंच गया है। मुनस्यारी की चोटियों पर भी बर्फबारी हुई। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में शाम के समय बूंदाबांदी हुई।
धारचूला की दारमा और व्यास घाटी में बुधवार रात से ही मौसम बिगड़ गया था। रात को बर्फबारी हुई। बृहस्पतिवार को भी दोनों घाटियों में हिमपात हुआ। यहां के 14 गांवों और व्यास घाटी के सात गांवों में माइग्रेशन पर गए कुछ परिवार लौटे नहीं हैं। रोकांग की प्रधान अंजू रोंकली और गुंजी सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि सुबह चार बजे से लगातार बर्फबारी हो रही है। गांव में लगभग छह इंच जबकि चोटियों पर एक फिट से अधिक बर्फबारी हुई है।
ग्राम प्रधान जमन दताल ने बताया कि दारमा घाटी के दुग्तु सहित अन्य गांवों में छह इंच बर्फबारी हुई है। पंचाचूली बेस कैंप संचालक गणेश दुग्ताल ने बताया कि 15 नवंबर के बाद बेस कैंप बंद हो जाएगा। सभी लोग निचली घाटी में आ जाएंगे। बता दें इस सीजन में अब तक अंतिम चौकियों में छठवीं और गांव में चौथी बार बर्फबारी हो चुकी है।
बृहस्पतिवार को मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली में बर्फबारी हुई। जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में शाम पांच बजे बूंदाबांदी हुई। चोटियों पर हिमपात और निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई है।