सीमांत जिले में इन दिनों आठूं महोत्सव की धूम मची है। जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों के साथ ही थल, मुवानी, डीडीहाट आदि स्थानों पर रात होते ही झोड़ा, चांचरी और ठूल खेलों का आयोजन शुरू हो रहा है। अभी दो-तीन दिन और महोत्सव की धूम रहेगी।
रामलीला मैदान में महोत्सव के पांचवें दिन वन काट्यो वन ताछ्यो झुमक्याली, झुमक्याली सिलगड़ी का पालाचाला झुमक्याली, गिन खेलून्या गौर होय झुमक्याली गीतों के बोलों ने समा बांध दिया। खेल दल का संचालन व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर सिंह महर ने किया। इसके बाद टकाना, पितरौटा, सेरा, खड़कोट, बजेटी, बडौली, पौण, टकाना खेत, सरस्वती विहार, जीआईसी आदि क्षेत्र की महिलाओं ने कई घेरे बनाकर हुड़के की थाप पर खेल-चांचरी की मनमोहक प्रस्तुति दी। विषाड़ कुच्चा के शिवराज सिंह मेहता ने खेल दलों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आठूं मेले का मुख्य आकर्षण न्यौली और छपेली प्रतियोगिता रही।
महिलाओं ने गमरा-महेश्वर के विग्रहों का दर्शन और पूजन किया। रामलीला प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह माहरा ने खेल दलों को स्मृति चिन्ह और खेल लगाने वाले प्रतिभागियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मेले को सफल बनाने में शिवराज सिंह अधिकारी हेमराज बिष्ट, कै. दीवान वल्दिया, राकेश साह, नवीन भट्ट, दिनेश कापड़ी, अशोक पाटनी, राजेंद्र जोशी, राधिका देवी, जानकी रावत, गंगा देवी, मुन्नी टम्टा, सावित्री बिष्ट, लीलावती वर्मा, दीपक नगरकोटी, हेमंत गुप्ता, कल्लू लाल, प्रमोद पाटनी, दिलीप वल्दिया, मनीष नगरकोटी, मोहित जोशी आदि सहयोग कर रहे हैं। उधर मुवानी, कनालीछीना में देर रात तक खेलों का आयोजन किया जा रहा है।